Mahayuti Government: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (NCP) के वरिष्ठ नेताओं, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर पहुंचकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य कैबिनेट में अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण विभागों पर अपनी पकड़ बनाए रखना है।
एनसीपी नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र सौंपने की योजना बना रहा है, जिसमें पार्टी की मांग होगी कि अजित पवार के पुराने विभाग वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल एनसीपी के कोटे में ही बनाए रखें जाएं। (Mahayuti Government) पार्टी का मानना है कि गठबंधन सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए इन विभागों का एनसीपी के पास रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री और गठबंधन सहयोगियों के बीच इन विभागों की कमान किसे दी जाए, इस पर अभी गहन मंथन चल रहा है।
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Mahayuti Government: ‘वर्षा’ बंगले पर आधी रात तक चली बैठक
अजित पवार के निधन के बाद खाली हुए पदों को भरने के लिए एनसीपी के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री से लंबी चर्चा की। इस दौरान, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेताओं ने यह जोर दिया कि पार्टी के पास जो विभाग हैं, उनका प्रभार किसी और दल को नहीं दिया जाना चाहिए। (Mahayuti Government) यह बैठक केवल प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर संकेत देने के लिए भी मानी जा रही है।
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महत्वपूर्ण विभागों पर एनसीपी की नजर
अजित पवार के पास वित्त और राज्य उत्पाद शुल्क जैसे शक्तिशाली मंत्रालय थे, जो राज्य के वित्तीय प्रबंधन और राजस्व पर सीधे नियंत्रण रखते थे। (Mahayuti Government) एनसीपी की चिंता यह है कि अगर ये विभाग किसी अन्य दल को सौंपे गए, तो गठबंधन में पार्टी का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए, पार्टी अब लिखित रूप में इन मंत्रालयों पर अपना दावा प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है, ताकि भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न हो।