india news: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में अब कई देश सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। ईरान द्वारा खाड़ी देशों में किए जा रहे हमलों के जवाब में फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। (india news) इसी बीच भारत के रुख को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अमेरिका ने भारत के पश्चिमी हिस्से से ईरान पर हमला करने की अनुमति मांगी है।
वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए भारतीय जमीन का इस्तेमाल करना चाहता है। हालांकि, विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
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MEA ने अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक अकाउंट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया, “फेक न्यूज अलर्ट सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी झूठी और बेबुनियाद खबरों से सावधान रहें।”
यह अफवाह सुजन दत्ता नाम के एक X यूजर के पोस्ट से फैली, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) के तहत भारत से मंजूरी मांगी है। (india news) पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि पश्चिमी भारत से ईरान पर बमबारी के लिए सैन्य संसाधनों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई है, और अमेरिकी जहाजों को कोंकण तट के पास तैनात होना पड़ेगा क्योंकि भारतीय नौसेना के बर्थ इतने बड़े नहीं हैं।
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विदेश मंत्रालय ने इन सभी दावों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है और लोग इस तरह की भ्रामक खबरों से सतर्क रहें।
दरअसल, LEMOA समझौते पर भारत और अमेरिका ने 29 अगस्त 2016 को हस्ताक्षर किए थे। (india news) इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को आसान बनाना है जैसे ईंधन भरना, मरम्मत, सप्लाई और अस्थायी ठहराव।
यह समझौता किसी भी देश को दूसरे की जमीन पर सैन्य अड्डा बनाने या बिना अनुमति हमला करने की छूट नहीं देता। हर तरह के उपयोग के लिए अलग से अनुमति आवश्यक होती है। (india news) दुनिया के कई देश ऐसे समझौतों के तहत एक-दूसरे की सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह हमेशा मेजबान देश की सहमति और नियमों के अनुसार ही होता है।
भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा ऐसी कोई अनुमति नहीं मांगी गई है और लोगों से अपील की है कि वे फर्जी खबरें न फैलाएं।