Nitish Kumar RS speculation 2026: बिहार की राजनीति में अगर कोई एक शख्स है जिसके अगले कदम की भविष्यवाणी बड़े-बड़े ज्योतिष भी नहीं कर सकते, तो वह हैं नीतीश कुमार। पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र में रहने वाले नीतीश ने राजनीति में जितनी प्रतिष्ठा कमाई है, उतनी ही ‘अविश्वसनीयता’ के तमगे भी हासिल किए हैं। (Nitish Kumar RS speculation 2026) आज पूरी दुनिया के सामने यह खबर है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन पटना की गलियों में एक ही सवाल गूँज रहा है “क्या नीतीश सच में जाएंगे?” उनके हालिया हाव-भाव और बयानों ने एक ऐसा रहस्य पैदा कर दिया है कि उनके अपने सहयोगी भी अब पक्के तौर पर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।
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Nitish Kumar RS speculation 2026: राज्यसभा का नामांकन और सम्राट चौधरी को ‘आशीर्वाद’
जेडीयू और एनडीए के पास बिहार में इतना मजबूत संख्या बल है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा चुनाव जीतना 100% तय है। अमित शाह की मौजूदगी में हुए उनके भव्य नामांकन ने यह संकेत दिया था कि अब बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत हो रहा है और केंद्र में उनकी नई पारी शुरू होने वाली है। 13 मार्च को सहरसा की एक रैली में उन्होंने मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा, उनका हाथ जनता के सामने खड़ा करवाया और सकारात्मक संकेत दिए। (Nitish Kumar RS speculation 2026) राजनीतिक पंडितों ने इसे नीतीश द्वारा अपने ‘उत्तराधिकारी’ के रूप में सम्राट चौधरी के राजतिलक के तौर पर देखा। लेकिन, जैसे ही उन्होंने उसी मंच से मुस्कराते हुए कहा “हम कहीं नहीं जा रहे”, वैसे ही सस्पेंस का नया दौर शुरू हो गया।
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नीतीश की घोषणाएं
एक मुख्यमंत्री जो कुछ ही दिनों में इस्तीफा देने वाला हो, वह राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ पर क्यों है? नीतीश कुमार इन दिनों बिहार के जिलों का दौरा कर रहे हैं और ताबड़तोड़ ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं जिन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी अगले मुख्यमंत्री की होगी। (Nitish Kumar RS speculation 2026) सवाल यह उठ रहा है कि अगर उन्हें राज्यसभा ही जाना है, तो वे भविष्य की योजनाओं पर इतना जोर क्यों दे रहे हैं? क्या यह जनता के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने की रणनीति है या फिर उनके मन में कोई और ‘मास्टर प्लान’ पक रहा है? जानकार बताते हैं कि नीतीश उसी अंदाज में काम कर रहे हैं जैसे उन्हें सालों तक बिहार की सेवा करनी हो।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर यू-टर्न की कहानियों से भरा है। 2014 में भाजपा का साथ छोड़ना, 2015 में राजद के साथ जाना, फिर 2017 में भाजपा में वापसी, 2022 में फिर से राजद के पास जाना और 2024 में एनडीए में लौट आना यह रिकॉर्ड उन्हें ‘पलटूराम’ की छवि में फिट कर चुका है। (Nitish Kumar RS speculation 2026) उन्होंने एक बार विधानसभा में दहाड़ते हुए कहा था कि “मरना पसंद करेंगे पर भाजपा के साथ नहीं जाएंगे”, लेकिन आज वे भाजपा के सबसे बड़े सहयोगियों में से एक हैं। (Nitish Kumar RS speculation 2026) 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू को भाजपा के साथ होने का बड़ा फायदा मिला और उनकी सीटें 43 से बढ़कर 85 हो गईं। भाजपा ने बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री भी बनाया, लेकिन नीतीश का मन कब बदल जाए, यह कोई नहीं जानता।
क्या होगा अगला कदम?
पटना के सियासी गलियारों में एक थ्योरी यह भी चल रही है कि नीतीश राज्यसभा तो जाएंगे, लेकिन सिर्फ कूटनीतिक कारणों से। उनके पास राज्यसभा सीट जीतने के बाद वहां से इस्तीफा देने के लिए 6 महीने का वक्त होगा। (Nitish Kumar RS speculation 2026) क्या वे इस समय का उपयोग बिहार की राजनीति में अपनी नई बिसात बिछाने के लिए करेंगे? या फिर वे सच में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होकर बिहार की कमान सम्राट चौधरी को सौंप देंगे? जब तक नीतीश कुमार खुद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दे देते और नए मुख्यमंत्री की शपथ नहीं हो जाती, तब तक बिहार की जनता को उनकी बातों पर भरोसा होना मुश्किल है।