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School Thik Karo: CJP के कैंपेन के बीच यूपी के जर्जर प्राइमरी स्कूल ठीक कराए जाएंगे, 604 करोड़ रुपये मंजूर
Published
3 सप्ताह agoon

School Thik Karo: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों का कायापलट होने जा रहा है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसके लिए 604 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इस रकम को 3,126 प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों के पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) और मरम्मत पर खर्च किया जाएगा. बेसिक शिक्षा विभाग ने पहली किश्त के तौर पर 302 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं. जल्द ही कंस्ट्रक्शन और मरम्मत का काम शुरू होने की उम्मीद है.
School Thik Karo: प्राइमरी स्कूलों के लिए 344.52 करोड़ रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक, 2,243 प्राइमरी स्कूलों की मरम्मत और रिकंस्ट्रक्शन पर कुल 344.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. हर स्कूल के लिए लगभग 15.36 लाख रुपये तय किए गए हैं. इस काम के लिए 172.26 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं. इस फंड से छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी. इस काम की निगरानी जिला और राज्य स्तर की कमेटियां करेंगी.
अपर प्राइमरी स्कूलों के लिए 259.95 करोड़ रुपये
883 अपर प्राइमरी स्कूलों के रिकंस्ट्रक्शन और मरम्मत के लिए 259.95 करोड़ रुपये दिए गए हैं. हर स्कूल पर लगभग 29.44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. पहली किस्त के तौर पर 129.97 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं. योगी सरकार ने कहा कि इस पहल का मकसद स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है. यह भी तय करना है कि छात्रों को सीखने के लिए अच्छा और सुरक्षित माहौल मिले.
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उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूल कक्षा 1 से 5 तक के छोटे बच्चों को पढ़ाते हैं. जबकि अपर प्राइमरी स्कूल कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए हैं. इन स्कूलों को उत्तर प्रदेश सरकार का बेसिक शिक्षा विभाग अपनी बेसिक शिक्षा परिषद के जरिए चलाता है.
‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के बीच बड़ा फैसला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 15 अगस्त से पूरे देश में ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन चला रही है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के मुताबिक, आज भी गांवों के बच्चों को टूटी छतें, जर्जर दीवारें, पीने के साफ पानी की कमी और खराब शौचालयों जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
इस कैंपेन के तहत देश भर के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों को ‘सिटिजन ऑडिटर’ बनाया जा रहा है. ये लोग अपने स्थानीय सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के बुनियादी ढांचे की कमियों का वीडियो बनाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करके प्रशासन को जवाबदेह ठहराते हैं.
योगी सरकार सख्त
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सख्त आदेश जारी कर दिया. उन्होंने उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है, जो भ्रामक वीडियो के जरिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं.
इससे पहले, जिला शिक्षा अधिकारियों ने प्रदेश भर के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों को लेकर एक आदेश दिया था. इसमें यूट्यूबर्स समेत तमाम बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे. यह कदम यूपी के कुछ सरकारी स्कूलों का वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया था. वीडियो में छात्रों को खराब क्वालिटी का मिड-डे मील परोसा जा रहा था.
