Sports News: साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ के निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की चयन नीति पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। रायपुर में 358 रनों का विशाल स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाने के बाद, अब हर क्रिकेट प्रेमी के मन में एक ही सवाल है: क्या मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और उनकी टीम ने इस सीरीज़ के लिए केवल तीन स्पेशलिस्ट पेसर्स (तेज गेंदबाज) चुनकर एक बड़ा ब्लंडर (भारी भूल) कर दिया है?
भारतीय टीम के पास इस सीरीज़ में हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह के रूप में केवल तीन ही तेज गेंदबाजी विकल्प हैं। (Sports News) खराब प्रदर्शन के बावजूद, टीम इंडिया को विशाखापत्तनम (वाइज़ाग) में भी मजबूरी में इन्हीं तीन पेसर्स के साथ उतरना पड़ सकता है, क्योंकि स्क्वॉड में चौथा कोई स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज नहीं है।
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Sports News: रायपुर में खुली गेंदबाजी की पोल
भारतीय टीम रांची और रायपुर दोनों ही वनडे में इन्हीं तीन पेसर्स के कॉम्बिनेशन के साथ उतरी। रांची में भारत ने 349/8 का स्कोर बनाकर 17 रनों से मैच जीत तो लिया, लेकिन सभी भारतीय गेंदबाजों ने 6 रन प्रति ओवर से ज़्यादा खर्च किए। लेकिन रायपुर में तो गेंदबाजी की पोल पूरी तरह खुल गई। टीम इंडिया 358 का बड़ा स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई और 4 विकेट से हार गई। गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा:
प्रसिद्ध कृष्णा: 8.2 ओवर में 85 रन लुटाए (इकोनॉमी 10.20)।
हर्षित राणा: 10 ओवर में 70 रन दिए (इकोनॉमी 7.00)।
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कुलदीप यादव: स्पिनर कुलदीप ने भी 10 ओवर में 78 रन लुटाए।
केवल अर्शदीप सिंह ही थोड़े किफायती साबित हुए, जिन्होंने 10 ओवर में 54 रन देकर 2 विकेट लिए। इस प्रदर्शन के बाद यह सवाल उठना लाजमी है कि क्यों टीम के पास कम से कम एक अतिरिक्त तेज गेंदबाजी विकल्प मौजूद नहीं है।
वाइज़ाग में क्या प्रसिद्ध कृष्णा बाहर बैठेंगे?
सवाल यह है कि क्या खराब प्रदर्शन के बावजूद अब भारतीय टीम वाइज़ाग में भी रायपुर वाले तीन पेसर्स के साथ ही उतरेगी? स्क्वॉड में एक विकल्प के तौर पर नीतीश रेड्डी ज़रूर हैं, जो पेस गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन उन्हें खिलाने का मतलब होगा प्रसिद्ध कृष्णा जैसे स्पेशलिस्ट गेंदबाज को बाहर बिठाना। (Sports News) हालांकि, इसकी संभावना कम ही लगती है। कप्तान केएल राहुल अब यही उम्मीद करेंगे कि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा अपने प्रदर्शन में सुधार करें और अर्शदीप सिंह का बेहतर साथ दें।
बल्लेबाजी को मजबूत करने की रणनीति
निर्णायक मुकाबले के लिए टीम में बदलाव की संभावना मध्य क्रम में अधिक है। (Sports News) पिछले दो पारियों में भारत का मिडिल ऑर्डर तेजी से रन बनाने में लचर दिखा है। इसलिए, यह माना जा रहा है कि वॉशिंगटन सुंदर को आराम देकर तिलक वर्मा को मौका दिया जा सकता है, ताकि मध्य क्रम को अतिरिक्त बल्लेबाजी ताकत मिले। इसके अलावा, ऋषभ पंत भी एक और विकल्प हो सकते हैं।
विशाखापत्तनम में भारत का वनडे हेड-टू-हेड रिकॉर्ड शानदार है। (Sports News) यहां खेले गए 10 मैचों में भारत ने 7 में जीत दर्ज की है, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ हेड-टू-हेड में भारत अभी भी पीछे है (96 मैचों में 41 जीत के मुकाबले साउथ अफ्रीका ने 52 जीते हैं)। इस निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया को इतिहास पलटने के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों विभागों में तालमेल बिठाना होगा।