विदेश

‘Mother of All Deals: ‘ पर भड़के ट्रंप के मंत्री, भारत EU महा-डील पर जहरीला वार; कहा: यूरोप धोखेबाज…

Published

on

‘Mother of All Deals: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच आज मंगलवार को एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन होने जा रहा है, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का नाम दिया गया है। करीब 18 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भारत दौरे पर आईं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बातचीत करेंगे। (‘Mother of All Deals) हैदराबाद हाउस में होने वाले भारत–EU शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी दोनों नेताओं की मेजबानी करेंगे। यह शिखर सम्मेलन सुबह साढ़े 11 बजे शुरू होगा, जबकि दोपहर 1:15 बजे इस समझौते को लेकर संयुक्त प्रेस बयान जारी किया जाएगा।

Also Read –Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले राजस्थान में मिला 10 हजार किलो विस्फोटक, जांच शुरू

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी शुल्क और व्यापारिक प्रतिबंधों के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं के बीच यह फ्री ट्रेड डील भारत और यूरोप के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार को नई गति देना है। (‘Mother of All Deals) भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच इस समझौते पर बातचीत की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी, जो अब जाकर अपने निर्णायक चरण में पहुंची है। आज होने वाले शिखर सम्मेलन में इस वार्ता के सफल समापन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

हालांकि, भारत और यूरोप के बीच इस डील की घोषणा से पहले ही अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया सामने आ गई है। अमेरिका के ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में यूरोप पर निशाना साधते हुए उसे “धोखेबाज” करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर कहीं ज्यादा त्याग किया है। (‘Mother of All Deals) उनका आरोप था कि जहां भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया, वहीं यूरोप ने भारत के साथ ट्रेड डील कर ली। बेसेंट ने यह भी दावा किया कि इस समझौते के जरिए यूरोप अप्रत्यक्ष रूप से अपने खिलाफ चल रही जंग को ही फंड कर रहा है।

Also Read –Border 2 Collection: बॉर्डर 2 ने Republic Day पर रचा इतिहास,धुरंधर मूवी को किया पीछे

व्यापार के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मौजूदा व्यापार करीब 137 अरब डॉलर का है। भारत EU के 27 देशों को लगभग 76 अरब डॉलर का निर्यात करता है, जबकि 61 अरब डॉलर का आयात करता है। (‘Mother of All Deals) भारत के कुल निर्यात में यूरोपीय यूनियन की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही इस डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बता चुके हैं। इस समझौते के बाद द्विपक्षीय व्यापार में करीब 50 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

यह डील इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे टैरिफ का बोझ कम होगा और भारत व यूरोपीय देशों की अमेरिका पर व्यापारिक निर्भरता भी घटेगी। (‘Mother of All Deals) इस समझौते से भारत को टेक्सटाइल, दवाइयों, स्टील, पेट्रोलियम उत्पादों और मशीनरी के निर्यात में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं, यूरोपीय देशों को भारत में कार, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, मशीनरी, वाइन और स्पिरिट के निर्यात का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर यह समझौता दोनों पक्षों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद अहम साबित हो सकता है।

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Trending

Exit mobile version