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US anti-drone system: मिडिल ईस्ट में यूक्रेन के ‘महानायक’ की एंट्री… US ने जंग के लिए भेजा एंटी-ड्रोन सिस्टम, Iran के साथ शुरू होगा सबसे ‘घातक’ युद्ध?
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21 मिनट agoon

US anti-drone system: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे भयंकर तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने यूक्रेन में रूसी ड्रोन के खिलाफ प्रयोग किए जाने वाले हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम को मिडिल ईस्ट में तैनात करने का फैसला लिया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह सिस्टम जल्द ही ईरानी ड्रोन हमलों से निपटने के लिए क्षेत्र में भेजा जाएगा।
US anti-drone system: अमेरिकी अधिकारियों ने दी बड़ी जानकारी
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। ईरान द्वारा तैनात ये ड्रोन बेसिक वर्जन के हैं, लेकिन इन्हें यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस ने लगातार अपडेट किया और बेहतर बनाया। (US anti-drone system) मिडिल ईस्ट में अमेरिकी रक्षा अधिकारी मानते हैं कि मौजूदा वक़्त में पैट्रियट और THAAD मिसाइल सिस्टम ईरानी ड्रोन को रोकने के लिए सीमित प्रभावी हैं।
इस तैनाती का बड़ा मकसद क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली हमलों के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया को रोकना है। कई मध्य पूर्वी देश पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि उन्हें अपने इलाके में ईरानी ड्रोन और मिसाइलों की बौछार से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी का वक़्त नहीं पाया है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘मेरोप्स’ नाम से जाना जाता है
यूक्रेन में प्रयोग किए जाने वाला यह एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘मेरोप्स’ नाम से जाना जाता है। यह सिस्टम ड्रोन के खिलाफ ड्रोन उड़ाता है और छोटे आकार के कारण मिडसाइज़ पिकअप ट्रक के पीछे आसानी से फिट हो सकता है। (US anti-drone system) सिस्टम के माध्यम से ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और नेविगेशन की जाती है। विशेष बात यह है कि मेरोप्स सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन जाम जैसी बाधाओं के बावजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से अपने लक्ष्य तक पहुँच सकता है।
विशेषज्ञों की राय
इसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि हाई-स्पीड मिसाइलों के मुकाबले ड्रोन का पता लगाना बेहद कठिन होता है, क्योंकि रडार सिस्टम इन्हें पक्षी या छोटे विमान समझ लेते हैं। मेरोप्स सिस्टम को इसी चुनौती को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। (US anti-drone system) यह न सिर्फ ड्रोन का पता लगाता है, बल्कि उन्हें मार गिराने के लिए सस्ते विकल्प भी प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, 50,000 डॉलर से कम कीमत वाले ड्रोन पर लाखों डॉलर की मिसाइल खर्च किए बिना हमला किया जा सकता है।
मिडिल ईस्ट में सैन्य तकनीक के एक नए अध्याय की शुरुआत
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अमेरिका की यह पहल मिडिल ईस्ट में सैन्य तकनीक के एक नए अध्याय की शुरुआत है। (US anti-drone system) ईरानी ड्रोन हमले तेजी से बढ़ रहे हैं और अमेरिका इस चुनौती का सामना करने के लिए टेक्नोलॉजी पर विश्वास कर रहा है। यूक्रेन युद्ध में सफलता पाने वाला यह सिस्टम अब मिडिल ईस्ट में ईरान के शाहेद ड्रोन के खिलाफ बेहद निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
बता दे, इस तैनाती से यह स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और रणनीति के लिहाज से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। वहीं, ईरान के लिए यह चुनौती केवल तकनीकी नहीं, बल्कि उसकी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा और प्रभाव पर भी सवाल खड़े कर रही है।
