Bihar Lakhpati Didi Scheme: बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अगस्त में शुरू हुए इस अभियान के जरिए महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, पशुपालन और छोटे कारोबार से जोड़ने की तैयारी है। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने पर भी सरकार का जोर है। दिवाली से पहले शुरू किया गया यह अभियान महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में सरकार की बड़ी पहल है।
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सरकार की यह योजना केवल महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। इसके तहत पशुपालन, छोटे उद्योग, निर्माण और सेवा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी है। इस योजना के मुताबिक, करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और उससे जुड़े छोटे कारोबार से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा महिला-केंद्रित छोटे और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि महिलाओं को गांव में ही रोजगार और कमाई के अवसर मिल सकें।
Bihar Lakhpati Didi Scheme: 10 लाख महिला उद्यमियों को 5 लाख रुपये तक की मदद
इस अभियान के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की योजना है। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल नया कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में कर सकेंगी।
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सरकार महिलाओं के बनाए उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है। इसके तहत सामान के उत्पादन से लेकर उसकी पैकिंग, ब्रांडिंग और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था विकसित करने की योजना है।
5 लाख महिलाओं के खातों में भेजे गए 600 करोड़ रुपये
‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा जीविका निधि के जरिए 10 हजार लाभुकों को ऋण भी उपलब्ध कराया गया था।
सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को सहायता राशि देना नहीं, बल्कि उन्हें इस आर्थिक मदद के जरिए कारोबार शुरू करने और अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बिहार में 1.81 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जीविका से जुड़ीं
बिहार में पहले से ही जीविका के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, राज्य में 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
अब सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर साल 2030 तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार, पशुपालन, छोटे कारोबार और उद्यम से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।
दूसरी किस्त के लाभ के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप जीविका या किसी सरकारी महिला रोजगार योजना से जुड़ी हैं, तो अपने स्वयं सहायता समूह की बैठक, बैंक खाते, बचत और जरूरी दस्तावेजों को अपडेट रखना जरूरी है। दूसरी किस्त जैसे लाभ के लिए महिलाओं की प्रोफाइल, समूह की बैठकों में भागीदारी, नियमित बचत, कारोबार की योजना और पहले मिले ऋण की अदायगी जैसे मानकों की भी समीक्षा की जा रही है।
हालांकि, दिवाली से पहले हर महिला के खाते में नई रकम भेजने की कोई आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले जीविका या संबंधित सरकारी कार्यालय से जानकारी जरूर लें।