Flydubai Flight Hijack Alert: दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लायदुबई के एक विमान को बुधवार को अचानक सऊदी अरब की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। विमान तेल अवीव की ओर बढ़ रहा था, लेकिन उत्तरी सऊदी अरब के पास पहुंचने के बाद उसका रास्ता बदल दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद हाईजैक (Hijack) की आशंका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, बाद में इजरायल की सरकार ने विमान के हाईजैक होने से इनकार कर दिया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। बाद में यह जानकारी सामने आई कि विमान में दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी और इसी दौरान गलत सिग्नल चला गया था।
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Flydubai Flight Hijack Alert: विमान ने इस्तेमाल किया इमरजेंसी कोड
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लायदुबई का बोइंग 737 मैक्स (Boeing 737 MAX) विमान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। बुधवार को यह विमान इजरायल की राजधानी तेल अवीव की ओर जा रहा था, लेकिन उत्तरी सऊदी अरब पहुंचने के बाद इसे डायवर्ट कर दिया गया।
बताया गया कि विमान की तरफ से स्क्वाकिंग 7700 कोड (Squawk 7700) का इस्तेमाल किया गया था। विमानन क्षेत्र में यह कोड इमरजेंसी अलर्ट से जुड़ा माना जाता है।
इसी बीच खबरें सामने आईं कि कुछ समय के लिए विमान का ट्रांसपोंडर कोड 7500 भी रखा गया था। 7500 कोड हाईजैक से जुड़ा होता है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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ताबुक की ओर गया विमान
डायवर्ट किए जाने के बाद विमान सऊदी अरब के ताबुक शहर की ओर बढ़ रहा था। रॉयटर्स से बातचीत में एक इजरायली सूत्र ने बताया कि विमान जल्द ही लैंड करेगा और उसके बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
इस घटनाक्रम के बाद इजरायल में भी हलचल मच गई। सरकार की ओर से आधिकारिक बयान जारी किए जाने की बात कही गई थी।
इजरायल सरकार ने हाईजैक से किया इनकार
विमान को लेकर हाईजैक की खबरों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के प्रवक्ता ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि बुधवार को फ्लायदुबई के विमान को रास्ता बदलकर सऊदी अरब भेजे जाने को हाईजैकिंग की घटना नहीं माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के कारण तनाव बना हुआ है। ऐसे में विमान से जुड़े इमरजेंसी सिग्नल की खबर सामने आने के बाद इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां और सरकार सतर्क हो गईं।
174 यात्रियों से भरा था विमान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस समय विमान में कथित इमरजेंसी की स्थिति बनी, उस समय उसमें कुल 174 यात्री सवार थे। इनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि दोनों पायलटों के बीच हुई बहस के कारण विमान से हाईजैक का सिग्नल चला गया था। सिग्नल मिलते ही इजरायल की वायुसेना अलर्ट मोड पर आ गई और आपातकालीन बैठक बुलाई गई।
पायलटों के बीच हाथापाई से बिगड़ी स्थिति
बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों पायलटों के बीच सिर्फ बहस नहीं हुई थी, बल्कि आसमान में उनके बीच हाथापाई भी हुई। इसी वजह से गलत सिग्नल चले जाने की बात सामने आई।
वायनेट की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज (Israel Katz) ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी।
इजरायल के पुलिस आयुक्त डैनी लेवी (Danny Levy) ने भी कहा कि पुलिस इजरायल में इस तरह के किसी भी हालात के लिए तैयार है।
पहले आया था हाईजैक का अलर्ट
शुरुआत में इमरजेंसी कोड और कथित तौर पर हाईजैक कोड इस्तेमाल किए जाने की खबर ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया था। विमान को तेल अवीव पहुंचने के बजाय सऊदी अरब डायवर्ट कर दिया गया।
लेकिन बाद की जानकारी में पायलटों के बीच हुई हाथापाई को इस पूरे घटनाक्रम की वजह बताया गया। इजरायल सरकार ने भी विमान के हाईजैक होने से इनकार किया है। अब विमान के सऊदी अरब में लैंड करने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।