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Gwalior Temple Accident: ग्वालियर मंदिर हादसे पर PM ने किया ये ऐलान, कांग्रेस ने रखी बड़ी मांग

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Gwalior Temple Accident: नवरात्र (Navratri) में शीतला माता मंदिर (Sheetla Mata Temple) में दर्शन करने निकले श्रद्धालुओं के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्वालियर (Gwalior) में बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य घायल बताए गए हैं। इस दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accident) के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता देने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिक मुआवजे की मांग की है।

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Gwalior Temple Accident: PM मोदी ने मृतकों और घायलों के लिए की सहायता की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ग्वालियर हादसे में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने भी दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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CM मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख देने के निर्देश दिए

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता (Financial Assistance) देने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने घायलों का निशुल्क उपचार (Free Medical Treatment) सुनिश्चित करने को भी कहा है।

प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। हादसे में प्रभावित लोगों के परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के रहने वाले बताए गए हैं।

राहुल गांधी ने जताया दुख, परिवारों के प्रति संवेदना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने हादसे को प्रशासनिक विफलता (Administrative Failure) बताते हुए मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये और घायलों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक मंदिर के रास्ते तक कैसे पहुंच गया।

आधी रात को बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही

हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चिनोर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। नवरात्र के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। इसी दौरान पंजाब नंबर का धान से लदा ट्रक श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों से टकराता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की बाईं ओर की दीवार भी गिर गई।

ग्वालियर रेंज के कार्यवाहक पुलिस महानिरीक्षक असित यादव के मुताबिक, हादसे में 14 लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। शुरुआती आशंका जताई गई कि ट्रक के ब्रेक फेल हो सकते हैं, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, चालक ने ट्रक को बाईं ओर मोड़ने की कोशिश की। अधिकारी ने आशंका जताई कि वाहन सीधे आगे बढ़ता तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु उसकी चपेट में आ सकते थे। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और हादसे के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे।

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