Gyanesh Kumar, SIR Raw: नई दिल्ली में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर यह शिकायत दी। महुआ मोइत्रा ने CEC पर कथित तौर पर आपराधिक आचरण में शामिल होने का आरोप लगाया है।
पुलिस स्टेशन के बाहर महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की व्यवस्था में तीन चुनाव आयुक्त होते हैं, ताकि एक-दूसरे पर नियंत्रण और संतुलन बना रहे, लेकिन उनके अनुसार इस मामले में कई अहम फैसलों को लेकर असहमति सामने आई है।
Also Read –Rhiti Tiwari-Qazi Touqeer Fight: Manoj Tiwari की बेटी ने कटाई नाक? Bigg Boss के घर में पार की हदें, Qazi Touqeer ने दी वार्निंग
Gyanesh Kumar, SIR Raw: 10 महीने में 14 बार असहमति का दावा
महुआ मोइत्रा ने अपने आरोपों के समर्थन में इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट का हवाला दिया। उनके मुताबिक, रिपोर्ट में सामने आया है कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो, श्री जोशी और श्री संधू, ने पिछले 10 महीनों में CEC ज्ञानेश कुमार के फैसलों से 14 मौकों पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ मौकों पर एक ही दिन में चार बार तक असहमति दर्ज की गई।
IT सॉफ्टवेयर को लेकर भी लगाए आरोप
महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के IT सॉफ्टवेयर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि IT सॉफ्टवेयर का केंद्रीकरण DG IT सीमा खन्ना के हाथों में कर दिया गया था। उनका आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों को दरकिनार करने के लिए किया गया। महुआ मोइत्रा ने कहा कि नियम के अनुसार हर विधानसभा क्षेत्र और हर बूथ पर स्थानीय अधिकारी, ERO और BLO वोटर लिस्ट के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Also Read –The Vvaan Advance Booking: द वन की एडवांस बुकिंग शुरू, जानिए कितना करेगी कलेक्शन और टिकट की कीमत
Form 6 में नए सवाल को लेकर भी सवाल
महुआ मोइत्रा ने Form 6 को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए किया जाता है। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने Form 6 में एक नया सवाल जोड़ दिया। यह सवाल इस बात से जुड़ा था कि क्या आवेदक या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का संबंध SIR से है या नहीं।
‘लाखों-करोड़ों नए वोटर बाहर रह गए’
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि इस सवाल को जोड़ने के बाद बड़ी संख्या में नए मतदाता प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल के CEO भी जवाब नहीं दे सके और मुख्य चुनाव आयुक्त भी जवाब नहीं दे सके। महुआ मोइत्रा ने आगे दावा किया कि आज पूरे भारत में 13 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मतदाताओं के बच्चों का क्या होगा और जब उनके बच्चे 18 साल की उम्र में पहुंचेंगे तो क्या वे भी वोटर लिस्ट में शामिल हो पाएंगे।
CEC-EC Act की धारा 16 का भी किया जिक्र
महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह कथित कार्रवाई आपराधिक आचरण के दायरे में आती है। उन्होंने कहा कि CEC और EC Act, 2023 की धारा 16 की आड़ लेकर इससे बचा नहीं जा सकता। हालांकि, ये सभी आरोप महुआ मोइत्रा की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने इन्हीं आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।