विदेश

Iran Foreign Minister Russia: शुरू हो गया बड़ा खेल… US से टकराव के बीच अचानक पुतिन के दरबार में पहुंचा ईरान! पाक के जरिए भेजा ये ‘सीक्रेट मैसेज’

Published

on

Iran Foreign Minister Russia: वैश्विक राजनीति में तेजी से बदल रहे समीकरणों के बीच ईरान ने एक बार फिर बड़ा कूटनीतिक दांव चल दिया है। अमेरिका के साथ लगातार बढ़ते जा रहे तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची रूस के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति पुतिन से होने की संभावना है। यह दौरा ऐसे वक़्त में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात बहुत नाजुक बने हुए हैं और युद्धविराम टूटने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं और इस दौरान रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। (Iran Foreign Minister Russia) ऐसा माना जा रहा है कि ईरान इस संकट की घड़ी में रूस के प्रभाव का प्रयोग कर अमेरिका पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।

Iran Foreign Minister Russia: पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को ‘ये’ बड़ा संदेश

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती नज़र आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिये से अमेरिका को एक “लिखित संदेश” भेजा है, जिसमें अपनी साफतौर से ‘रेड लाइन्स’ तय कर दी हैं। इन रेड लाइन्स में परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी शर्तें मुख्य हैं।

Also Read –India New Zealand FTA: भारत-न्यूजीलैंड में हुई पीढ़ियों की ‘सबसे बड़ी’ Deal… लेकिन ‘बटर चिकन’ ने बिगाड़ दिया पूरा खेल! क्यों मचा नस्‍लीय बवाल?

हालांकि ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत करने से साफ़ मना कर दिया है। इसी कारण से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा को रद्द कर दिया।

नया शांति प्रस्ताव भी चर्चा में
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने एक नया प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष खत्म करने की बात कही गई है। (Iran Foreign Minister Russia) इस प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे को फिलहाल टालकर बाद के चरण में चर्चा करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने इस रिपोर्ट की न तो पुष्टि की है और न ही पूर्ण रूप से खंडन किया है, जिससे इस प्रस्ताव को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

Also Read –Sonbhadra: रोटरी क्लब रेणुकूट में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर का OCV सफलतापूर्वक संपन्न

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का प्रभाव अब वैश्विक बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति में रुकावट पैदा हो गई है, जिससे कीमतों में बड़ा उछाल आया है। (Iran Foreign Minister Russia) इसका सीधा प्रभाव विकासशील देशों पर पड़ रहा है, जहां खाद्य संकट का खतरा बढ़ गया है।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल नाकेबंदी हटाने का कोई इरादा नहीं है, जिससे बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

ट्रंप का बयान – “ईरान चाहे तो कर सकता है बात”

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान बातचीत करना चाहता है तो “वे हमारे पास आ सकते हैं या हमें फोन कर सकते हैं। (Iran Foreign Minister Russia) ” हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिकी दूतों की यात्रा रद्द होने का अर्थ यह नहीं है कि युद्ध दोबारा शुरू होने वाला है।

ओमान और पाक के बीच कूटनीतिक सक्रियता

रूस पहुंचने से पहले अराघची ने ओमान और पाकिस्तान का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की। (Iran Foreign Minister Russia) इन सब को लेकर ऐसा माना जा रहा है कि इन बैठकों के माध्यम से ईरान ने क्षेत्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, गौर किया जाए तो… ईरान का रूस दौरा और पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को संदेश भेजना इस बात का संकेत है कि आगामी कुछ दिनों में कूटनीतिक हलचल और तेज हो सकती है। जहां एक तरफ युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। अब सभी की निगाहें पुतिन और अराघची की संभावित मुलाकात पर टिकी हुई हैं, जो इस संकट की दिशा तय कर सकती है।

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Trending

Exit mobile version