Jharkhand News: झारखंड के विद्यार्थियों ने मुंबई में आयोजित ‘नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। कक्षा 2 से 5 तक के छोटे-छोटे विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी अंग्रेजी दक्षता और प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे पूरे राज्य में गर्व का माहौल है। (Jharkhand News) इस उपलब्धि पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना न केवल बच्चों की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि राज्य की मजबूत होती शिक्षा व्यवस्था का भी प्रमाण है।
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Jharkhand News: सीएम ने शिक्षकों और अभिभावकों की सराहना की
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय छात्रों के साथ-साथ उनके शिक्षकों और अभिभावकों को भी दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की इस उपलब्धि के पीछे शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा है। सीएम सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका मानना है कि अगर सही दिशा और संसाधन मिलें तो झारखंड के बच्चे किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
राष्ट्रीय मंच पर झारखंड के बच्चों का प्रदर्शन
झारखंड के इन विद्यार्थियों ने पहले राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने भाग लिया। (Jharkhand News) इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी अंग्रेजी भाषा कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया और देशभर के प्रतिभागियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
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शिक्षा परियोजना का अहम योगदान
यह प्रतियोगिता झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर के सहयोग से आयोजित की गई थी। (Jharkhand News) इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 2 से 5 तक के बच्चों में बुनियादी शिक्षा और भाषा कौशल को मजबूत करना है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर रैंक हासिल कर यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सफलता को झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें सरकारी स्कूलों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों ने भी भाग लिया। इससे यह संदेश गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। सरकार के प्रयासों से अब दूर-दराज के बच्चों को भी राष्ट्रीय मंच मिल रहा है, जो उनके आत्मविश्वास और समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि आने वाले समय में और भी छात्रों को प्रेरित करेगी।