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Karnataka Congress crisis 2026: कर्नाटक कांग्रेस बगावत की आंधी! अचानक दिल्ली रवाना हुए 30 विधायक, खतरे में सिद्धारमैया की कुर्सी?

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Karnataka Congress crisis 2026: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर से भारी उठापटक के संकेत मिल रहे हैं। राजधानी बेंगलुरु से लेकर दिल्ली के गलियारों तक उस समय हड़कंप मच गया, जब कांग्रेस के करीब 30 वरिष्ठ विधायकों ने एक साथ दिल्ली के लिए उड़ान भरी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार के भीतर पनप रहा असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। (Karnataka Congress crisis 2026) ये सभी विधायक मंत्री पद की मांग को लेकर कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। इस अचानक हुए ‘दिल्ली कूच’ ने राज्य में कैबिनेट विस्तार से लेकर मुख्यमंत्री बदलने तक की अटकलों को हवा दे दी है।

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Karnataka Congress crisis 2026: वरिष्ठों की हुंकार: ‘जिन्हें बार-बार मिला मौका, वो अब दूसरों के लिए रास्ता छोड़ें’

दिल्ली रवाना होने वाले विधायकों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर ऐसे कई मंत्री हैं जिन्हें तीन, चार या पांच बार मौका मिल चुका है। विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने साफ शब्दों में कहा कि उनका समूह आलाकमान से यह अनुरोध करेगा कि जिन्होंने अब तक एक बार भी मंत्री पद का स्वाद नहीं चखा है, उन्हें अब मौका दिया जाए। (Karnataka Congress crisis 2026) विधायकों का तर्क है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सरकार गठन के समय वादा किया था कि दो साल बाद कैबिनेट में फेरबदल कर नए चेहरों को शामिल किया जाएगा, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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पहली बार के विधायकों ने भी ठोका दावा: पांच मंत्री पद की मांग

मंत्रिमंडल में बदलाव की मांग केवल वरिष्ठों तक सीमित नहीं है। पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे युवा विधायकों ने भी बगावती तेवर अपना लिए हैं। मांड्या से पहली बार विधायक बने रविकुमार गौड़ा ने बताया कि उनके जैसे करीब 38 विधायकों ने नेतृत्व को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रस्तावित फेरबदल के दौरान कम से कम पांच ‘फर्स्ट टाइमर्स’ को मंत्री बनाया जाए। (Karnataka Congress crisis 2026) उनका कहना है कि राज्य की सेवा करने का अवसर सबको मिलना चाहिए। विधायकों के इस संगठित दबाव ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की रातों की नींद उड़ा दी है।

बीजेपी का बड़ा हमला: ‘सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार’ गुट में छिड़ी जंग

कर्नाटक कांग्रेस में मचे इस घमासान पर विपक्षी दल बीजेपी ने भी चुटकी लेना शुरू कर दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने दावा किया है कि विधायकों का यह समूह केवल मंत्री पद के लिए नहीं, बल्कि नेतृत्व परिवर्तन के लिए दिल्ली गया है। (Karnataka Congress crisis 2026) उन्होंने आरोप लगाया कि एक गुट उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पैरवी कर रहा है, जबकि दूसरा गुट सिद्धारमैया को बचाने में जुटा है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के भीतर मची यह आंतरिक कलह जल्द ही सरकार के पतन का कारण बन सकती है।

फैसले की घड़ी: आलाकमान के पाले में गेंद

फिलहाल, सबकी नजरें दिल्ली में होने वाली मुलाकातों पर टिकी हैं। विधायकों का यह समूह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने अपनी मांगें रखेगा। कर्नाटक की सत्ता पर काबिज कांग्रेस के लिए यह स्थिति किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। (Karnataka Congress crisis 2026) यदि कैबिनेट में फेरबदल होता है, तो कई कद्दावर मंत्रियों की कुर्सी जानी तय है, और यदि बदलाव नहीं होता है, तो विधायकों की नाराजगी सरकार की स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकती है। आने वाले कुछ दिन कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

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