Parliament Monsoon Session News: संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध को समाप्त करने के प्रयासों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। करीब 50 मिनट चली इस बैठक में संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने, परिसीमन (Delimitation) विधेयक और विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक (FCRA Amendment Bill 2026) समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि, कांग्रेस ने साफ कर दिया कि जब तक सरकार उसकी प्रमुख मांगों पर सहमत नहीं होती, तब तक संसद में गतिरोध खत्म होना मुश्किल है।
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Parliament Monsoon Session News: राहुल गांधी ने रखीं दो अहम शर्तें
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से कहा कि संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार को दो अहम कदम उठाने होंगे।
1- गृह मंत्री अमित शाह को NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में बयान देना होगा।
2- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा करानी होगी।
कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों को “गैर-समझौतावादी” (Non-negotiable) बताते हुए स्पष्ट किया कि इनके बिना सदन सामान्य रूप से नहीं चल सकता।
परिसीमन विधेयक पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान किरेन रिजिजू ने कांग्रेस का परिसीमन (Delimitation) विधेयक पर रुख जानने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि पार्टी संविधान संशोधन के जरिए परिसीमन कराने के पक्ष में नहीं है और इस प्रस्ताव का विरोध जारी रहेगा।
विशेष सत्र की अटकलों पर विराम
हाल के दिनों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र सरकार स्वतंत्रता दिवस के बाद तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पारित कराने की तैयारी कर रही है।
हालांकि किरेन रिजिजू ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। सूत्रों के अनुसार बैठक में भी मानसून सत्र बढ़ाने या विशेष सत्र बुलाने पर कोई चर्चा नहीं हुई।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
राहुल गांधी के संसद स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें के.सी. वेणुगोपाल, गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे।
FCRA संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का विरोध
बैठक के बाद कांग्रेस ने विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 का भी विरोध दोहराया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित कानून सरकार को ऐसे गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक संस्थानों की विदेशी फंडिंग से जुड़ी संपत्तियों पर व्यापक नियंत्रण का अधिकार देगा, जिनका FCRA पंजीकरण समाप्त हो जाता है।
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के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगी।
संसद में जारी है गतिरोध
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल एक भी दिन नहीं चल पाया है। विपक्ष NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है।
इसी बीच विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रतीकात्मक मार्च निकालकर भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।