Politics News: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को कतर में आठ सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा पर कड़ी आलोचना की। तिवारी ने कहा कि यह एक “मनमाना” और “मनमौजी” निर्णय है।
तिवारी ने कहा कि कतर की निचली अदालत ने इन नौसैनिकों को इस्राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में दोषी ठहराया था। Politics News: हालांकि, तिवारी ने कहा कि इन आरोपों के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं हैं।
तिवारी ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में कतर सरकार से बातचीत करनी चाहिए और इन नौसैनिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह किस तरह की न्याय प्रणाली है? इन नौसैनिकों के परिवारों को आज तक यह नहीं बताया गया है कि उन पर क्या आरोप हैं। उन्हें बिना किसी सबूत के मौत की सजा सुनाई गई है। यह एक अमानवीय और अन्यायपूर्ण निर्णय है।”
तिवारी ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए और कतर सरकार से इन नौसैनिकों को रिहा करने के लिए दबाव बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “भारत सरकार को कतर सरकार से कहना चाहिए कि अगर इन नौसैनिकों को फांसी दी जाती है, तो भारत कतर के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने पर मजबूर होगा।”
तिवारी ने कहा कि यह मामला सिर्फ आठ नौसैनिकों का नहीं है, बल्कि यह भारत की साख पर भी सवाल खड़ा करता है।