West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरणों से ठीक पहले राज्य की सियासत में जबरदस्त भूचाल आ गया है। ममता बनर्जी की चुनावी नैया के खेवनहार माने जाने वाले I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच के रिश्तों को लेकर एक ऐसी खबर आई है जिसने बंगाल के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। (West Bengal Election 2026) खबर है कि केंद्रीय एजेंसियों के बढ़ते दबाव और कानूनी ‘बाध्यताओं’ के चलते I-PAC ने बंगाल में अपना सारा ऑपरेशन अचानक रोक दिया है। हालांकि, TMC ने इसे ‘भ्रामक’ करार दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री के ताजा बयानों ने सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।
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West Bengal Election 2026: I-PAC ने अचानक रोका काम, 20 दिन की ‘रहस्यमयी’ छुट्टी
चुनाव प्रचार जब अपने चरम पर है, तभी खबर आई कि I-PAC मैनेजमेंट ने अपने कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर अगले 20 दिनों के लिए काम रोकने का आदेश दिया है। (West Bengal Election 2026) इस ईमेल में कानूनी अड़चनों का हवाला देते हुए स्टाफ को 11 मई तक छुट्टी पर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है और नतीजे 4 मई को आने हैं। ऐसे में I-PAC का यह ‘ब्रेक’ उस समय तक रहेगा जब तक राज्य में नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी। साल्ट लेक सेक्टर फाइव स्थित I-PAC के दफ्तर में शनिवार आधी रात को हुई इस हलचल ने कई रणनीतिकारों को चौंका दिया है।
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ED का शिकंजा: विनेश चंदेल की गिरफ्तारी और प्रतीक जैन के घर रेड
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई है। ED ने हाल ही में कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, एजेंसी ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। (West Bengal Election 2026) उस समय खुद ममता बनर्जी वहां पहुंची थीं और उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार एजेंसियों के जरिए पार्टी की चुनावी रणनीतियों और गोपनीय दस्तावेजों को ‘चोरी’ करने की कोशिश कर रही है। अब चंदेल की गिरफ्तारी के बाद I-PAC का हाथ खींचना TMC के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
ममता का पलटवार: ‘डराया गया तो हम देंगे नौकरी’
एक तरफ TMC के आधिकारिक बयान में कहा जा रहा है कि I-PAC की टीम पूरी तरह से जमीन पर सक्रिय है और काम रुकने की खबरें ‘बेबुनियाद’ हैं, वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी के रुख ने इन अटकलों को हवा दे दी है। तारकेश्वर की जनसभा में ममता ने सीधे तौर पर केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, “अगर हमारे लिए काम करने वाले संगठनों को एजेंसियों के जरिए डराकर बंगाल छोड़ने पर मजबूर किया गया, तो वे हमारी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हम उन्हें नौकरी देंगे, किसी को बेरोजगार नहीं होने देंगे।” ममता ने इसे ‘चुनावी तोड़फोड़’ की कोशिश करार दिया है।
क्या चुनाव नतीजों पर पड़ेगा असर?
राज्य की 294 सीटों के लिए हो रहे इस संग्राम में I-PAC की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। ग्राउंड लेवल पर डेटा जुटाने से लेकर सोशल मीडिया कैंपेन तक, I-PAC ही TMC की रीढ़ मानी जाती है। (West Bengal Election 2026) अब जब वोटिंग में महज कुछ दिन बचे हैं, रणनीतिकारों की टीम का इस तरह बिखरना या बैकफुट पर जाना पार्टी के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। विपक्षी दल इसे ममता बनर्जी की हार की आहट बता रहे हैं, जबकि TMC का दावा है कि बंगाल की जनता 4 मई को इन तमाम ‘साजिशों’ का करारा जवाब देगी।