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TMC Frozen Bank Accounts: 440 करोड़ से हाथ धो बैठीं Mamata Banarjee! हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, जानें पूरा मामला
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1 दिन agoon

TMC Frozen Bank Accounts: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने उन्हें फ्रीज किए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए (PMLA) के तहत इन खातों को फ्रीज करने का फैसला किया था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) दो गुटों में बंट चुकी है। इसके साथ ही ममता बनर्जी से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न भी छिनने की बात सामने आ रही है। ऐसे में बैंक खातों पर हुई यह कार्रवाई पार्टी और ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
TMC Frozen Bank Accounts: कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या कहा?
कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस कृष्ण राव ने इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने फिलहाल फ्रीज किए गए बैंक खातों से रोक हटाने से इनकार कर दिया है। यानी इन खातों में मौजूद रकम का इस्तेमाल अभी नहीं किया जा सकेगा।
यह मामला अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच कथित तौर पर केयरवैल एविएशन इंडिया (Carewalt Aviation India) और उससे जुड़ी एक कंपनी के बीच हुए लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि इन वित्तीय लेनदेन का संबंध एक विमान और एक हेलीकॉप्टर की खरीद से था।
क्या है पूरा मामला?
एजेंसी वार्ता के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने बिधाननगर के साइबर पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। इस प्राथमिकी में कथित तौर पर बेईमानी से वित्तीय लेनदेन, गैरकानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और एक राजनीतिक पार्टी के कुछ बैंक खातों के जरिए संदिग्ध फंड को इधर-उधर करने के आरोप लगाए गए थे।
जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत कार्रवाई की। एजेंसी ने तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये को फ्रीज करने का निर्देश दिया था। अब कलकत्ता हाईकोर्ट ने इन खातों से फ्रीज हटाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
160 करोड़ रुपये भेजने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के मुताबिक, जांच में सामने आया कि अप्रैल 2023 और जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से मैसर्स केयरवैल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक संस्था को करीब 160 करोड़ रुपये भेजे गए थे।
ईडी का आरोप है कि मैसर्स केयरवैल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2023 से 2026 के बीच एक अन्य नई निगमित संबंधित इकाई को 82.96 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। एजेंसी के अनुसार, यह रकम एक एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान (Embraer Legacy 600 Aircraft) और एक अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू हेलीकॉप्टर (Agusta 109 Grand New Helicopter) की खरीद से जुड़ी थी।
ईडी के मुताबिक, इन खरीदारियों के लिए कुल 112 करोड़ रुपये दिए गए थे। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वित्तीय लेनदेन के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और इनका वास्तविक लाभार्थी कौन था।
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हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए लिया गया था कर्ज
जांच में यह भी सामने आया है कि हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से साल 2023 में केमैन द्वीप (Cayman Islands) स्थित एक इकाई से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण लिया गया था।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता हेलीकॉप्टर को बाद में तृणमूल कांग्रेस को पट्टे पर दे दिया गया था। एजेंसी का आरोप है कि इन विमानों को कथित तौर पर पार्टी के कोष से प्राप्त धन का इस्तेमाल करके खरीदा गया था।
हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल के नाम पर भुगतान का आरोप
ईडी ने आरोप लगाया है कि बाद में विमान और हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल के बहाने पर्याप्त भुगतान किए गए। एजेंसी का कहना है कि इन लेनदेन के वास्तविक लाभकारी उद्देश्य का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, मामले में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों में जमा रकम और विमान तथा हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और एजेंसी इन लेनदेन के पीछे के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है।
कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से फ्रीज किए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब इस मामले में तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
