विदेश
Black Sea Drone Attack: काला सागर में मचा हड़कंप, भारतीय क्रू वाले ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमला; 23 लोग सुरक्षित
Published
3 घंटे agoon

Black Sea Drone Attack: काला सागर (Black Sea) के तट के पास मंगलवार को यूक्रेन (Ukraine) के ड्रोन हमले (Drone Attack) में एक ऑयल टैंकर में आग लग गई। रूस के अधिकारियों के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाला यह ऑयल टैंकर 23 भारतीय क्रू सदस्यों के साथ समुद्र में मौजूद था। हमले के बाद सभी 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। किसी भी क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
रूस के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, अफ्रामैक्स रियो (Aframax Rio) नाम के इस टैंकर को रूस के रिसॉर्ट शहर सोची (Sochi) के पास ब्लैक सी में एक नेवल ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई और उस पर मौजूद कच्चा तेल जलने लगा। आग की लपटों के साथ समुद्र के ऊपर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रूसी परिवहन मंत्रालय के हवाले से बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव अभियान के दौरान टैंकर पर सवार सभी 23 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जहाज पर मौजूद पूरा क्रू भारतीय नागरिक था।
Black Sea Drone Attack: सोची के समुद्र तट को किया गया बंद
टैंकर में आग लगने के बाद सोची के तट से समुद्र की ओर काले धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। घटना के बाद सिरियस संघीय क्षेत्र के अधिकारियों ने समुद्र तट बंद (Beach Closed) कर दिया। अधिकारियों की ओर से पानी और हवा की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
सोची के मेयर ने भी बताया कि समुद्र तट और बीच तक लोगों की पहुंच को सीमित किया जा रहा है। यह कदम टैंकर में लगी आग के बाद उठाया गया है।
बिना चालक वाले समुद्री जहाज से हमला
रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि टैंकर पर हमला एक बिना चालक वाले जहाज (Unmanned Vessel) के जरिए किया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों (Commercial Ships) को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं।
रूस और यूक्रेन दोनों पर काला सागर के आसपास व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। ऐसे में भारतीय क्रू वाले इस टैंकर पर हुआ हमला भी इसी घटनाक्रम के बीच सामने आया है।
एक दिन पहले भी भारतीय क्रू वाले जहाज पर हुआ था हमला
इस घटना से एक दिन पहले भी काला सागर में भारतीय क्रू वाले एक जहाज को निशाना बनाया गया था। उस हमले में जहाज के कप्तान की मौत हो गई थी और जहाज में आग लग गई थी। इसके बाद 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने उस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया था।
