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Ashutosh Ranka Detention: असम में हिरासत में लिए गए CJP नेता आशुतोष रांका! बोले- हिमंत सरमा डर गए, 2 अक्टूबर से आंदोलन

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Ashutosh Ranka Detention: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम को असम में हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। आशुतोष रांका ने खुद इसकी जानकारी दी है। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि असम पुलिस ने रांका और सीजेपी की टीम को हिरासत में लिया है और उन्हें किसी अज्ञात जगह ले जाया जा रहा है।

अभिजीत दीपके के मुताबिक, आशुतोष रांका और उनकी टीम असम में वॉलंटियर्स के साथ एक छोटी बैठक (Meeting) करने जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया।

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Ashutosh Ranka Detention: रांका बोले- हिमंत सरमा डर गए हैं

आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को डर है कि अगर सीजेपी असम के स्कूलों की असलियत सामने लाएगी तो देश को उनकी स्थिति के बारे में पता चल जाएगा।

रांका ने यह भी आरोप लगाया कि काजीरंगा में लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और जमीन, जंगल और पानी छीनकर कॉरपोरेट्स (Corporates) को दिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इसी वजह से सरकार सीजेपी की गतिविधियों को लेकर डरी हुई है।

‘ज्ञानेश की आड़ में असम चुनाव की धांधली न खुल जाए’

आशुतोष रांका ने एक अन्य पोस्ट में असम चुनाव और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंत सरमा को डर है कि ज्ञानेश कुमार की आड़ में असम चुनाव में हुई कथित धांधली सामने न आ जाए।

रांका ने दावा किया कि विधानसभा की सीमा इस तरह बनाई गई कि एक गांव के लोगों को तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बांट दिया गया। उन्होंने एसआईआर (SIR) के नाम पर असम के नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाए जाने का भी आरोप लगाया।

‘जब-जब हिमंत सरमा डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं’

एक अन्य पोस्ट में आशुतोष रांका ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जब-जब हिमंत सरमा डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीट-अप वाली जगह तक जाने वाली पूरी सड़क को दोनों तरफ से बैरिकेड (Barricade) लगाकर बंद कर दिया गया है।

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रांका के मुताबिक, असम पुलिस आंसू गैस (Tear Gas) के साथ तैयार है और सीजेपी के वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि किसी को भी मीट-अप वाली जगह तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। रांका ने सवाल उठाते हुए कहा कि असम सरकार कॉकरोच जनता पार्टी से इतनी डरी हुई क्यों है।

अभिजीत दीपके ने भी किया विरोध

सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने भी आशुतोष रांका और उनकी टीम को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि असम पुलिस रांका और सीजेपी की टीम को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात जगह ले जा रही है।

दीपके के मुताबिक, टीम असम में वॉलंटियर्स के साथ एक छोटी बैठक के लिए जा रही थी। इस मामले को लेकर सीजेपी की तरफ से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।

2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आंदोलन का ऐलान कर चुकी है। पार्टी ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन (Nationwide Protest) शुरू किया जाएगा।

सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार अगले दिन तक अपना त्यागपत्र नहीं सौंपते हैं तो पार्टी मुंबई से आंदोलन शुरू करेगी और इसे देश के दूसरे शहरों तक फैलाया जाएगा। दीपके ने कहा कि गांधी जयंती के मौके पर पार्टी लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लेगी।

असम से लेकर SIR तक निशाने पर चुनाव आयोग

सीजेपी के इस आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा एसआईआर है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। अब असम में रांका और उनकी टीम को हिरासत में लिए जाने के दावे के बाद सीजेपी की ओर से राज्य सरकार और पुलिस पर भी सवाल उठाए गए हैं।

एक तरफ रांका ने असम में स्कूलों, जमीन, जंगल और पानी से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने विधानसभा सीमांकन और एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। वहीं, सीजेपी ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान भी किया है।

असम में हिरासत को लेकर सामने आए दावों और सीजेपी के आरोपों के बीच अब इस पूरे मामले पर आगे की कार्रवाई और संगठन की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।

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