Champat Rai: राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर पहले से विवादों में घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक और विवादित बयान सामने आने का दावा किया जा रहा है। इस बार उनके एक कथित वायरल वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में दिए गए उनके बयान के बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, मामले में अयोध्या में रामजानकी मंदिर के महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और अयोध्या में जमीन घोटाले को लेकर चंपत राय के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग में श्रीरामजन्मभूमि थाने में तहरीर दी है। इस मौके पर उन्होंने ठाणे के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
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रिपोर्ट के अनुसार एक समाचार चैनल पर इंटरव्यू का हवाला देते हुए संत दास का आरोप है कि चंपत राय एक विडिओ क्लिप में यह कहते सुनाई दे रहे हैं, “हमको राम राज्य नहीं चाहिए। भगवान राम जब अपने भाई लक्ष्मण के नहीं हुए तो हम लोगों के क्या होंगे।” संत दास ने चंपत राय को रामद्रोही और राम राज्य से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों के मकान ढहा दिए गए और एक रुपया भी मुआवजा नहीं दिया गया।
Champat Rai: क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में चंपत राय कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “रामराज्य बहुत कठिन है, रामराज्य लाने से तो मैं ही डरता हूँ। राम ने अपने भाई को नहीं बख्शा, इसलिए रामराज्य की मैं कल्पना नहीं करता, जो करते हैं वो करें। अयोध्या में लाखों लोग आएंगे हम यह कल्पना कर रहे हैं। वह सड़क, हवाई जहाज और ट्रेन से आएंगे। इसलिए सड़के कितनी चौड़ी, प्लेटफॉर्म कितने लंबे हों सरकारों को इसकी व्यवस्था करनी होगी।”
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यह चंपत राय का कथित बयान कब का है और किसने रिकार्ड किया है, अभी इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं
फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस संदर्भ में रिकॉर्ड किया गया था या पूरा बयान क्या था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने और चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यदि जांच में वीडियो की प्रामाणिकता और शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले चंपत राय का एक पुराना विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमे वह पत्रकारों को गली देते नजर आ रहे हैं। इस विडियो में वह कहते हुए दिख रहे हैं कि जिन पटरोकारों को गली दी आज वह बहुत सम्मान करते हैं।