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CJP Protest: बॉलीवुड सितारों ने किया अभिजीत दीपके का खुलकर समर्थन… जानिए कौन-कौन है शामिल
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6 घंटे agoon

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों के साथ फिल्मी दुनिया में भी चर्चा छेड़ दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर चल रहे इस अभियान को मुंबई में कई बड़े फिल्मी सितारों का समर्थन मिला था। शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और विशाल ददलानी जैसे नाम इस आंदोलन के साथ खड़े नजर आए। वहीं, कुछ कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी बात रखी।
हालांकि, 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। ऐसे में सवाल है कि आखिर इस आंदोलन को फिल्मी हस्तियों का समर्थन क्यों मिल रहा है और कौन-कौन से सितारे इसमें शामिल हुए?
CJP Protest: मुंबई के शिवाजी पार्क से शुरू हुई चर्चा
सीजेपी ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। इस दौरान फिल्मी दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियां आंदोलन के समर्थन में पहुंचीं। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर उठ रहे सवाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग थी।
इस प्रदर्शन में शामिल सितारों की मौजूदगी ने आंदोलन को व्यापक चर्चा दिलाई। खास बात यह रही कि फिल्मी हस्तियों ने केवल सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कुछ सितारे प्रदर्शन स्थल पर भी पहुंचे।
शबाना आजमी
दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने मुंबई में हुए प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। वह खुद भी शिवाजी पार्क पहुंचीं। उन्होंने मतदाता सूची और वोट के अधिकार से जुड़े सवालों को लोकतंत्र तथा नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
नसीरुद्दीन शाह
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी 2 अक्टूबर को मुंबई में हुए प्रदर्शन में मौजूद थे। उनकी सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ बातचीत और मुलाकात की तस्वीरें चर्चा में रहीं। उनकी भागीदारी ने इस आंदोलन को मनोरंजन जगत में भी सुर्खियों में ला दिया।
विशाल ददलानी
गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने प्रदर्शन से पहले लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की थी। वह मुंबई में आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए। उनके समर्थन से यह साफ हुआ कि आंदोलन को लेकर फिल्मी दुनिया के कुछ चर्चित चेहरे सार्वजनिक रूप से अपनी राय रख रहे हैं।
विशाल भारद्वाज
फिल्म निर्माता और संगीतकार विशाल भारद्वाज भी मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि सीजेपी के अभियान को केवल अभिनेताओं ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों का भी समर्थन मिला।
हंसल मेहता
फिल्म निर्माता हंसल मेहता का नाम भी मुंबई के प्रदर्शन में शामिल फिल्मी हस्तियों में सामने आया। वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उनकी मौजूदगी ने सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर मनोरंजन जगत की दिलचस्पी बढ़ाई।
अतुल कुलकर्णी
अभिनेता अतुल कुलकर्णी भी 2 अक्टूबर को मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े फिल्मी चेहरों में शामिल थे। उनके साथ कई अन्य कलाकारों की मौजूदगी ने इस आयोजन को राजनीतिक मांगों से आगे बढ़ाकर नागरिक अधिकारों पर सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया।
दीया मिर्जा
अभिनेत्री दीया मिर्जा मुंबई के प्रदर्शन में शारीरिक रूप से मौजूद प्रमुख सितारों की सूची में नहीं थीं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए समर्थन जताया। उन्होंने शबाना आजमी की ओर से साझा किए गए प्रदर्शन से जुड़े वीडियो को दोबारा साझा किया।
कोंकणा सेन शर्मा
अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़ा वीडियो साझा कर समर्थन जताया। दीया मिर्जा की तरह उनका समर्थन भी ऑनलाइन सामने आया था। इस तरह सीजेपी के अभियान को समर्थन देने वाले फिल्मी चेहरों में वे भी शामिल रहीं।
आखिर क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?
सीजेपी का यह अभियान चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर है। संगठन का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी आधार पर वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग कर रहा है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और कुछ अन्य नेताओं को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर बहस और तेज हो गई।

