Connect with us

राष्ट्रीय समाचार

IndiGo Fuel Surcharge: 6 अक्टूबर से महंगी होगी हवाई यात्रा, IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

Published

on

IndiGo Fuel Surcharge: दीवाली और छठ से पहले हवाई यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने बढ़ती जेट फ्यूल कीमतों के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। ऐसे में त्योहारों के दौरान फ्लाइट से सफर करने वालों के लिए टिकट का कुल खर्च बढ़ सकता है।

IndiGo Fuel Surcharge: 6 अक्टूबर से नई बुकिंग पर लागू होगा चार्ज

IndiGo के मुताबिक, संशोधित फ्यूल चार्ज 6 अक्टूबर को रात 12:01 बजे से की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होगा। इसका मतलब यह है कि अगर कोई यात्री 6 अक्टूबर से पहले टिकट बुक कर लेता है, तो उस बुकिंग पर नई दर लागू नहीं होगी। नई बुकिंग करने वाले यात्रियों को यात्रा की दूरी और अंतरराष्ट्रीय रूट के हिसाब से अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा।

Also Read –Bigg Boss 20 Amrapali Dubey: आम्रपाली दुबे की Mika Singh ने की जबरदस्त बेइज्जती, लोगों ने कहा- काजी का बदला ले लिया

घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से बढ़ेगा खर्च

घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज दूरी के आधार पर तय किया गया है। 500 किलोमीटर तक के रूट पर यह करीब 425 रुपये और 501 से 1,000 किलोमीटर के रूट पर 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी के लिए 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर के लिए 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाली उड़ान पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा।

इससे साफ है कि लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों में यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ ज्यादा पड़ेगा। टिकट की बेस कीमत के अलावा यह शुल्क कुल किराए में जुड़ जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बढ़ा चार्ज

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी IndiGo ने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है। SAARC देशों के 500 किलोमीटर तक के रूट पर 500 रुपये और इससे ज्यादा दूरी वाले रूट पर 1,000 रुपये का चार्ज रखा गया है।

दक्षिण-पूर्व एशिया, मिडिल ईस्ट और GCC तथा नॉर्थ एवं ईस्ट एशिया के लिए फ्यूल सरचार्ज 5,500 रुपये किया गया है। अफ्रीका जाने वाले यात्रियों को 6,000 रुपये और यूरोप के रूट पर 10,000 रुपये का फ्यूल सरचार्ज देना होगा।

आखिर क्यों बढ़ाया गया फ्यूल सरचार्ज?

IndiGo ने इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह ATF की लगातार बढ़ती कीमतों को बताया है। एयरलाइन के अनुसार, हालिया महीने में ATF की कीमत में 14 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और ईंधन की लागत पिछले करीब एक दशक के ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। एयरलाइन के परिचालन खर्च में विमान ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर लागत पर पड़ता है।

Also Read –CEC Gyanesh Kumar: ‘CJP नेताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है’, सौरव दास का बड़ा दावा; 10 अक्टूबर के आंदोलन से पहले बढ़ा सियासी तनाव

पिछले कुछ महीनों में ईंधन कीमतों पर वैश्विक बाजार और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का भी असर पड़ा है। IndiGo ने कहा है कि उसने बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ यात्रियों पर डालने के बजाय फ्यूल चार्ज में सीमित बढ़ोतरी की है।

त्योहारों में सफर करने वालों की बढ़ेगी चिंता

अक्टूबर से नवंबर के बीच देश में दीवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार हैं। इस दौरान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों के लिए हवाई टिकटों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में फ्यूल सरचार्ज की बढ़ोतरी यात्रियों के कुल यात्रा बजट को और बढ़ा सकती है।

खासकर लंबी दूरी की उड़ानों में 1,000 रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त चार्ज परिवार के साथ सफर करने वालों के लिए बड़ा खर्च बन सकता है। हालांकि अंतिम टिकट कीमत केवल फ्यूल सरचार्ज से तय नहीं होती। बेस फेयर, टैक्स और अन्य शुल्क भी कुल किराए को प्रभावित करते हैं।

IndiGo ने कहा है कि वह ईंधन कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और जरूरत के अनुसार आगे भी शुल्क में बदलाव कर सकती है। ऐसे में त्योहारों के दौरान हवाई यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए टिकट बुक करने से पहले कुल किराए की तुलना कर लेना उचित होगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *