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Iran responds to Trump Hormuz Blockade: आज शाम आएगी कयामत! ट्रंप की नाकाबंदी पर ईरान का खौफनाक पलटवार, कहा- ‘महंगे पेट्रोल के लिए तैयार रहो’

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Iran responds to Trump Hormuz Blockade: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो सकती है। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता के बुरी तरह फेल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ईरानी बंदरगाहों की ‘महा-नाकाबंदी’ का ऐलान किया, ईरान ने भी अपने सबसे घातक हथियार यानी ‘तेल’ का कार्ड खेल दिया है। (Iran responds to Trump Hormuz Blockade) ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिका का यह कदम उसे इतना भारी पड़ेगा कि दुनिया 4-5 डॉलर में मिलने वाले पेट्रोल के दिनों को तरस जाएगी।

Iran responds to Trump Hormuz Blockade: कलीबाफ की सीधी चेतावनी: ‘महंगे पेट्रोल के लिए तैयार रहो’

ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ट्रंप के नाकाबंदी प्लान को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों और वैश्विक बाजार को संबोधित करते हुए लिखा, “मौजूदा पेट्रोल की कीमतों का आनंद लीजिए, क्योंकि इस नाकाबंदी के चलते जल्द ही आपको 4-5 डॉलर में मिलने वाले पेट्रोल की याद आएगी।” कलीबाफ के इस बयान ने साफ कर दिया है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो तेल की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जाएंगी, जिससे वैश्विक महंगाई का एक ऐसा तूफान आएगा जिसे संभालना किसी के बस में नहीं होगा।

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ट्रंप का ‘ब्लॉकड’ प्लान: शाम 7:30 बजे से समंदर में पहरा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि सोमवार शाम (भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे) से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर उस जहाज को रोका जाए जो ईरानी बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा है। (Iran responds to Trump Hormuz Blockade) ट्रंप का यह ‘नाकाबंदी’ आदेश दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग को सीधे युद्ध क्षेत्र में तब्दील करने जैसा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी पुष्टि कर दी है कि वे अरब सागर और ओमान की खाड़ी में ईरानी तटीय क्षेत्रों का उपयोग करने वाले किसी भी देश के जहाज को नहीं बख्शेंगे।

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होर्मुज की अहमियत: क्यों डरी हुई है पूरी दुनिया?

ईरान की यह चेतावनी खोखली नहीं है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की ‘ऊर्जा जीवन रेखा’ है। दुनिया भर में होने वाली कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यहां जहाजों का रास्ता रोका गया, तो खाड़ी देशों से होने वाली सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी। (Iran responds to Trump Hormuz Blockade) पहले से ही आर्थिक मंदी और गैस संकट से जूझ रहे देशों के लिए यह किसी तबाही से कम नहीं होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस कदम से कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जो विकसित देशों की कमर तोड़ देगी।-

चीन पर निशाना और ‘पेट्रोडॉलर’ बचाने की जंग

जानकारों का मानना है कि ट्रंप की इस सख्ती के पीछे केवल ईरान नहीं, बल्कि चीन भी है। दरअसल, ऐसी खबरें आई थीं कि होर्मुज के रास्ते तेल ले जाने वाले जहाज अब अमेरिकी डॉलर के बजाय चीनी मुद्रा ‘युआन’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे दशकों पुराने ‘पेट्रोडॉलर’ सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। (Iran responds to Trump Hormuz Blockade) अमेरिका को डर है कि अगर युआन का चलन बढ़ा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार पर उसकी पकड़ कमजोर हो जाएगी। इसीलिए, नाकाबंदी के जरिए वॉशिंगटन ने एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश की है- ईरान की आर्थिक घेराबंदी और चीन के बढ़ते वित्तीय प्रभाव पर लगाम। (Iran responds to Trump Hormuz Blockade) फिलहाल, समंदर की लहरों पर बारूद और तेल का यह खेल पूरी दुनिया को एक महाविनाश की ओर धकेल रहा है।

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