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Modi Cabinet Decision: बिहार को PM मोदी की बड़ी सौगात, 13,041 करोड़ की 5 परियोजनाओं को मंजूरी; जानें पूरी डिटेल
Published
4 सप्ताह agoon

Modi Cabinet Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़ी पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 13,041 करोड़ रुपये है। इनमें रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ बिहार में मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन हाईवे कॉरिडोर का विकास भी शामिल है।
इन फैसलों को खास तौर पर बिहार और पूर्वी भारत में सड़क-रेल कनेक्टिविटी, माल ढुलाई क्षमता और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ज्योग्राफिकमैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना
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Modi Cabinet Decision: बिहार के लिए 3,591 करोड़ रुपये की परियोजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार में मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन कॉरिडोर (NH-22) के विकास को मंजूरी दी है। करीब 83 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,591 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह कॉरिडोर मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी को बेहतर सड़क संपर्क देगा और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें
कुल लागत: 3,591 करोड़ रुपये
लंबाई: करीब 83 किलोमीटर
जिले: मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी
निर्माण मॉडल: हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM)
निर्माण अवधि: 30 महीने
प्रमुख पुल: 7
रेलवे ओवरब्रिज: 3
व्हीकुलर अंडरपास: 6
इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार में सड़क परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही कारोबार, कृषि उत्पादों की आवाजाही और स्थानीय बाजारों तक पहुंच में सुधार हो सकता है।
13,041 करोड़ की पांच परियोजनाएं कौन-कौन सी हैं?
कैबिनेट ने कुल पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें चार रेलवे परियोजनाएं और बिहार की एक प्रमुख हाईवे परियोजना शामिल है।
परियोजना अनुमानित लागत
खड़गपुर–भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन 3,352 करोड़ रुपये
भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन 1,583 करोड़ रुपये
गुम्मिडीपुंडी–गुडूर तीसरी और चौथी लाइन 2,229 करोड़ रुपये
कटक–पारादीप तीसरी और चौथी लाइन 2,286 करोड़ रुपये
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन हाईवे 3,591 करोड़ रुपये
खड़गपुर–भद्रक चौथी लाइन से क्या बदलेगा?
कैबिनेट के फैसले के तहत खड़गपुर–भद्रक (रानीताल) रेल सेक्शन को चौथी लाइन से मजबूत किया जाएगा। यह रेल मार्ग ओडिशा के तटीय क्षेत्र से होकर गुजरता है और माल तथा यात्री यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
परियोजना की लंबाई करीब 173 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत 3,352 करोड़ रुपये है। इसके तहत 2 मेगा ब्रिज, 41 बड़े पुल और 169 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है।
चौथी लाइन बनने से इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त रेल क्षमता उपलब्ध होगी।
भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन
कैबिनेट ने भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,583 करोड़ रुपये है।
यह लाइन ओडिशा के महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता देगी। इसका उद्देश्य बढ़ते यात्री और माल यातायात को संभालना तथा रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाना है।
गुम्मिडीपुंडी–गुडूर रेल कॉरिडोर को भी मंजूरी
दक्षिण भारत में गुम्मिडीपुंडी–गुडूर रेल कॉरिडोर के तीसरी और चौथी लाइन से जुड़े काम को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,229 करोड़ रुपये बताई गई है। ज्योग्राफिकमैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस क्षेत्र में मशीनरी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइन से माल ढुलाई और यात्री यातायात दोनों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना के तहत स्वर्णमुखी नदी पर करीब 360 मीटर लंबा मेगा ब्रिज भी बनाया जाएगा।
कटक–पारादीप रेल लाइन का भी विस्तार
कैबिनेट ने कटक–पारादीप रेल सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन के विकास को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 2,286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पारादीप एक प्रमुख बंदरगाह क्षेत्र है। ऐसे में इस रेल सेक्शन की क्षमता बढ़ने से औद्योगिक और माल ढुलाई गतिविधियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
बिहार के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन कॉरिडोर सिर्फ सड़क निर्माण की परियोजना नहीं है, बल्कि उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी के लिहाज से इसे रणनीतिक महत्व का प्रोजेक्ट माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय कम करने, माल ढुलाई को आसान बनाने और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
खास बात यह है कि सीतामढ़ी और सोनबरसा क्षेत्र नेपाल सीमा के नजदीक हैं। इसलिए इस कॉरिडोर का असर सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
मोदी कैबिनेट का 13,041 करोड़ रुपये का यह फैसला सड़क और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्र सरकार के फोकस को दिखाता है। बिहार की 3,591 करोड़ रुपये की 4-लेन हाईवे परियोजना उत्तर बिहार के लिए सबसे अहम फैसलों में से एक है, जबकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश से जुड़ी रेल परियोजनाएं पूर्वी और दक्षिणी भारत में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगी।
