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Nepal Customs Duty Protests: नेपाल में भड़का बवाल…भारतीय सामानों पर लगी कस्टम ड्यूटी, बालेन शाह पर भड़के लोग
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5 घंटे agoon

Nepal Customs Duty Protests: नेपाल के सीमावर्ती शहर बीरगंज में इन दिनों माहौल काफी गरम है। यहां नए नियमों के खिलाफ लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दरअसल नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक कीमत के सामान पर कस्टम ड्यूटी को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
Nepal Customs Duty Protests: भारत से सामान लाना पड़ा महंगा
यहां जैसे ही भारत से लाए जाने वाले सामान पर टैक्स लगाने की बात सामने आई, लोग नाराज हो गए और सड़कों पर उतर आए। दरअसल लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग खाने-पीने का सामान, कपड़े और अन्य जरूरी चीजें भारत से लाते रहे हैं, लेकिन अब इस सख्ती के बाद उनकी दिनचर्या पर सीधा असर पड़ा है।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह फैसला आम नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। (Nepal Customs Duty Protests) उनका यह भी तर्क है कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है, ऐसे में घरेलू उपयोग के सामान पर छूट मिलनी चाहिए।
क्या है भंसार नीति, जिस पर मचा बवाल
वहीं इस पूरे मुद्दे पर नेपाल के अधिकारियों का कहना है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से ही लागू था, जिसे अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। (Nepal Customs Duty Protests) इस नीति के तहत सीमा पर जांच को कड़ा कर दिया गया है और 100 रुपये से ज्यादा कीमत के सामान पर टैक्स लिया जा रहा है।
सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, जहां यात्रियों के बैग की गहन जांच हो रही है। इसके चलते लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं। साथ ही भारत में रजिस्टर वाहनों के प्रवेश पर भी अब पहले से ज्यादा सख्ती बरती जा रही है।
राजस्व बढ़ाने और तस्करी रोकने की कोशिश
वहीं इस मामले में नेपाल सरकार का कहना है कि इस नियम का पालन पहले सही तरीके से नहीं हो रहा था, जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा था। (Nepal Customs Duty Protests) अब सख्ती बढ़ाकर तस्करी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि इससे सीमावर्ती शहरों के स्थानीय व्यापारियों को भी फायदा होगा।
क्यों बढ़ा विरोध?
वहीं नेपाल-भारत की खुली सीमा संवाद समूह का कहना है कि यह नियम सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों पर बेवजह का बोझ डाल रहा है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं, जो कभी अलग नहीं हुए। ऐसे में इस तरह की सख्ती लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
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बता दें कि हाल ही में बालेन शाह ने चुनाव में बहुमत हासिल कर प्रधानमंत्री पद संभाला है। इसके बाद उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जो पारंपरिक नीतियों से अलग माने जा रहे हैं। (Nepal Customs Duty Protests) हालांकि उनके कुछ फैसलों को जनता का समर्थन भी मिला है, लेकिन कस्टम ड्यूटी को लेकर लिया गया यह फैसला लोगों को रास नहीं आ रहा है।
तो बीरगंज में शुरू हुआ यह विरोध अब एक बड़े मुद्दे का रूप लेता जा रहा है। एक तरफ सरकार राजस्व बढ़ाने और तस्करी रोकने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ आम लोग इसे अपने रोजमर्रा के जीवन पर पड़ने वाला सीधा असर मानकर इसका विरोध कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस नाराजगी को कैसे संभालती है।
