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Pakistan mysterious incidents: PAK में रहस्यमयी घटनाओं की बाढ़! अचानक गायब हुए 3 सेना अधिकारी, ‘नामालूम अफराद’ ने मचाया हड़कंप, ISI पर उठे सवाल

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Pakistan mysterious incidents: पाकिस्तान इन दिनों बेहद रहस्यमयी घटनाओं और सुरक्षा से संबंधित सनसनीखेज मामलों को लेकर सुर्खियों में है। सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक गायब होने से लेकर आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की संदिग्ध मौतों तक, हालात ऐसे बन गए हैं कि देश के अंदर ही खौफ और अविश्वास का माहौल पैदा हो गया है। (Pakistan mysterious incidents) इन घटनाओं को लेकर पाकिस्तान में ‘नामालूम अफराद’ (अज्ञात हमलावर) शब्द एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है, जबकि खुफिया एजेंसी ISI और बाहरी एजेंसियों पर भी तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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Pakistan mysterious incidents: नेपाल से गायब हुए पूर्व पाकिस्तानी जनरल

सबसे चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हबीब जहीर से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय संगठन में नौकरी के लिए आवेदन किया था। उन्हें कथित तौर पर इंटरव्यू के लिए पहले ओमान और फिर नेपाल बुलाया गया।

जानकारी के मुताबिक, काठमांडू पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी से संपर्क किया और फिर लुंबिनी जाने की बात कही। (Pakistan mysterious incidents) लेकिन लुंबिनी पहुंचने के बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। इसके बाद न तो उनका फोन मिला और न ही कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई। इन सबके बीच सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जिस वेबसाइट और संपर्क के माध्यम से उन्हें बुलाया गया था, वह भी बाद में गायब हो गया।

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इस घटना के बाद से कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे विदेशी खुफिया एजेंसियों का ऑपरेशन बताया जा रहा है, तो कुछ इसे आपसी दुश्मनी या गुप्त मिशन से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।

कराची में टारगेट किलिंग का सिलसिला

इसी बीच कराची में भी लगातार टारगेट किलिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में एक कथित फाइनेंसर, जिसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया जाता है, की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। (Pakistan mysterious incidents) प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर आए और वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।

इससे पहले भी 21 मार्च को एक अन्य व्यक्ति की मस्जिद परिसर में हत्या की खबर सामने आई थी। बताया जाता है कि हमलावर आम लोगों की तरह वहां पहुंचे और मौका देखकर हमला कर दिया। इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘नामालूम अफराद’ का बढ़ता खौफ

पाकिस्तान में इन घटनाओं के बाद ‘नामालूम अफराद’ शब्द फिर से चर्चा में है। (Pakistan mysterious incidents) यह शब्द वहां उन हमलावरों के लिए प्रयोग किया जाता है, जिनकी पहचान नहीं हो पाती। लगातार हो रही हत्याओं और गायब होने की घटनाओं के कारण आम लोगों में डर का माहौल है।

इसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े स्तर पर सत्ता संघर्ष, आतंकी नेटवर्क और खुफिया एजेंसियों की पेचीदा भूमिका भी हो सकती है।

ISI और विदेशी एजेंसियों पर खड़े हो रहे सवाल

इन घटनाओं को लेकर पाकिस्तान में ही ISI की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि या तो एजेंसी इन घटनाओं को रोकने में नाकाम हो रही है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा गुप्त खेल चल रहा है।

वहीं, कुछ लोग इन घटनाओं के लिए भारत की खुफिया एजेंसी RAW या अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विशेषज्ञ इसे सिर्फ अटकलें मान रहे हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव

इन घटनाओं का प्रभाव सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। (Pakistan mysterious incidents) नेपाल जैसे शांत देश का नाम इस मामले में सामने आने से क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पाकिस्तान में जिस तरह से सेना के अधिकारी गायब हो रहे हैं और आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की हत्याएं हो रही हैं, वह देश के अंदर गहरे अस्थिरता के संकेत हैं। (Pakistan mysterious incidents) ‘नामालूम अफराद’ की बढ़ती घटनाएं और एजेंसियों पर उठते सवाल आगामी वक़्त में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति को और पेचीदा बना सकते हैं।

फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है क्या ये घटनाएं किसी बड़े ‘गुप्त ऑपरेशन’ का महज भाग हैं या फिर पाकिस्तान के भीतर ही कोई बड़ा खेल चल रहा है? अब ये आगामी दिनों में इसका जवाब मिलना बहुत महत्वपूर्ण होगा।

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