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pakistan news: पाकिस्तान में स्कूल की छत गिरने से 27 बच्चों समेत 28 की मौत, मलबे में दबे मासूमों को निकालने के लिए घंटों चला बचाव अभियान
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2 घंटे agoon

pakistan news: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में गुरुवार को एक निजी स्कूल की छत गिरने से भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 27 बच्चों और एक महिला शिक्षिका समेत 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में शामिल सभी बच्चों की उम्र 13 वर्ष या उससे कम बताई गई है। हादसे के समय स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। अचानक छत गिरने से कई बच्चे और शिक्षक मलबे में दब गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। (pakistan news) आसपास रहने वाले लोग बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय नागरिकों और बचावकर्मियों ने मलबा हटाकर बच्चों को निकालने का अभियान शुरू किया। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में 17 बच्चों और एक शिक्षिका की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर 28 बताई गई।
pakistan news: डीर कॉलोनी के निजी स्कूल में हुआ हादसा
यह दुर्घटना पेशावर के घनी आबादी वाले डीर कॉलोनी इलाके में स्थित अल-खैर एजुकेशन सेंटर में हुई। स्थानीय मीडिया के अनुसार स्कूल कॉलेज रोड के आसपास स्थित है। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बच्चे कक्षाओं में मौजूद थे। अचानक छत का एक हिस्सा नीचे आ गिरा और उसके नीचे मौजूद बच्चे मलबे में दब गए। (pakistan news) प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पाकिस्तान की आपातकालीन बचाव सेवा रेस्क्यू 1122 की टीमें एंबुलेंस और राहत उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँच गईं। बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारी मलबे के नीचे दबे बच्चों तक सुरक्षित पहुँचने की थी।
अस्पताल में आपातकाल, बच्चों को खोजते रहे परिजन
हादसे में घायल बच्चों और शिक्षकों को पेशावर के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान लेडी रीडिंग अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि बड़ी संख्या में घायलों के आने के कारण अस्पताल में आपातकाल घोषित करना पड़ा। (pakistan news) चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल उपचार में लगाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजन स्कूल तथा अस्पताल पहुँचने लगे। कई परिवार अपने बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए परेशान दिखाई दिए। बचाव दल के प्रवक्ता बिलाल फैजी के अनुसार मलबे के नीचे अन्य लोगों के फँसे होने की आशंका को देखते हुए तलाश जारी रखी गई।
कमजोर इमारत पर उठे सवाल, स्कूल मालिक गिरफ्तार
दुर्घटना के बाद स्कूल भवन की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पेशावर के पुलिस प्रमुख सईद अहमद ने बताया कि स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार इमारत संरचनात्मक रूप से कमजोर थी। हालांकि छत गिरने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है। (pakistan news) यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि भवन की कमजोरी की जानकारी पहले से थी या नहीं और स्कूल संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था अथवा नहीं। इस दुर्घटना ने शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों की नियमित जाँच और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुर्घटना में बच्चों और शिक्षिका की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खैबर पख्तूनख्वा की सूचना सलाहकार समर हारून बिलौर ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मलबे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।
पाकिस्तान में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
पाकिस्तान में स्कूलों और अन्य भवनों की छत गिरने की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। कमजोर निर्माण सामग्री, पुरानी इमारतों की समय पर मरम्मत न होना और भवन सुरक्षा संबंधी नियमों का प्रभावी पालन नहीं किया जाना ऐसी दुर्घटनाओं के प्रमुख जोखिम कारकों में गिने जाते हैं। इसी वर्ष लाहौर में एक शिक्षण केंद्र की छत गिरने से बच्चों की मौत हुई थी। (pakistan news) जुलाई में निर्माणाधीन शिक्षण केंद्र की छत गिरने की एक अन्य घटना में चार स्कूली बच्चों की मौत की सूचना भी सामने आई थी। इन घटनाओं ने पाकिस्तान में निजी शिक्षण संस्थानों के भवनों की सुरक्षा और उनके निरीक्षण की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है।
पेशावर की ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न सामने ला दिया है कि जिन भवनों में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे पढ़ने पहुँचते हैं, उनकी संरचनात्मक सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है और उसका नियमित परीक्षण किस तरह सुनिश्चित किया जाता है। स्कूल की छत गिरने से हुई इतनी बड़ी जनहानि केवल एक भवन दुर्घटना का मामला नहीं रह जाती, बल्कि यह बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गंभीर परीक्षा भी है। अब जाँच से यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या समय रहते सुरक्षा संबंधी कदम उठाकर इसे रोका जा सकता था।
