Scindia Family Property Dispute: ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति का विवाद एक बार फिर अदालत पहुंच गया है। इस बार मामला सिर्फ संपत्ति के बंटवारे का नहीं, बल्कि उस समझौते की वैधता का भी है, जिस पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के परिवार से जुड़ा यह विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को जिला अदालत में होने वाली सुनवाई में ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा राणा के बयान दर्ज किए जाएंगे। प्रतिमा का आरोप है कि उनसे धोखाधड़ी करके समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए थे।
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दरअसल, सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। फिलहाल मामला अतिरिक्त सत्र न्यायालय (Additional Sessions Court) में विचाराधीन है। पिछले गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन जिला अदालत ने तारीख आगे बढ़ा दी थी। अब बुधवार को होने वाली सुनवाई में प्रतिमा राणा को अपना पक्ष रखने और आरोपों के समर्थन में साक्ष्य (Evidence) पेश करने का अवसर मिलेगा।
प्रतिमा राणा ने अदालत में आवेदन देकर समझौता प्रस्ताव (Settlement Agreement) पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और उषा राजे ने उनके साथ धोखाधड़ी की और इसी के जरिए समझौते पर हस्ताक्षर कराए। प्रतिमा का कहना है कि उनकी सहमति के बिना उनसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाए गए थे।
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मौसियों ने अदालत में दिया अलग पक्ष
प्रतिमा राणा की आपत्ति पर उनकी तीनों मौसियों वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे ने अदालत में अपना जवाब दाखिल किया है। उन्होंने प्रतिमा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि समझौते पर सभी की सहमति से हस्ताक्षर किए गए थे। उनके मुताबिक, हस्ताक्षर करने के बाद परिवार के सभी सदस्य वहां रुके थे। इस दौरान फैमिली डिनर (Family Dinner) भी हुआ और अंत में सभी ने साथ में तस्वीरें (Photographs) भी खिंचवाई थीं।
इससे पहले 14 अक्टूबर को हुई सुनवाई में भी प्रतिमा राणा के साक्ष्य दर्ज कराने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। अदालत ने उनकी ओर से दाखिल आपत्ति को स्वीकार करते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। अब बुधवार की सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि प्रतिमा अपने आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य पेश करती हैं और अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।