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Sanjay Gupta Death: संजय गुप्ता की मौत बनी मिस्ट्री, जाँच के लिए उनके घर पहुँची पुलिस, कांटे फिल्म का किया निर्देशन
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3 घंटे agoon

Sanjay Gupta Death: कांटे , शूटआउट एट लोखंडवाला और काबिल जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाने जाने वाले फिल्म निर्माता संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है। संजय गुप्ता की मौत से उनके कई दशकों के फिल्ममेकिंग करियर का अंत हो गया। उन्हें खास तौर पर एक्टर संजय दत्त के साथ उनके कोलेबोरेशन के लिए जाना जाता था, जिनके साथ उन्होंने कांटे (2002), मुसाफिर (2004), ज़िंदा (2006) और शूटआउट एट लोखंडवाला (2007) जैसी फिल्मों में काम किया था। उनके निधन ने सभी को चौका दिया है। चलिए जानते हैं संजय गुप्ता का निधन कैसे हुआ है।
Sanjay Gupta Death: संजय गुप्ता का निधन कैसे हुआ
संजय गुप्ता के निधन ने सभी को चौका दिया है। बता दे कि संजय गुप्ता का निधन 55 साल की उम्र में उनके घर पर हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संजय गुप्ता पानी पीने के लिए अपने किचन में गए थे। जहाँ पर उनका पैर फिसला और सर पर चोट लग गई। जिसकी वजह से उनको ब्लड लॉस हुआ और उन्होंने अपने शर्ट से ब्लड रोकने की कोशिश भी की थी। लेकिन ब्लड लॉस ज्यादा होने की वजह से उनको हार्ट अटैक आ गया। उनको इस हालत में उनकी हाउस हेल्प ने सुबह देखा। जबकि उस समय उनके घर पर उनकी पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। किसी को भी इस हादसे के बारे में पता नहीं चला, जबतक हाउस हेल्प नहीं आई। अब इस पूरे मामले की जाँच के लिए पुलिस संजय गुप्ता के घर पर पहुँच गई है। जैसा कि आप इस वीडियो में देख सकते हैं।
संजय गुप्ता ने 2001 में अपने बैनर, व्हाइट फेदर फिल्म्स के ज़रिए एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई। इस प्रोडक्शन हाउस ने पिछले कई सालों में कई प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट किया है। उनकी हाल की फिल्मों में द मिरांडा ब्रदर्स (2024), जिसमें मीज़ान जाफ़री और हर्षवर्धन राणे थे, और विस्फोट (2024), जिसमें रितेश देशमुख और फरदीन खान थे, शामिल हैं।
एक फिल्ममेकर के तौर पर खुद को स्थापित करने से पहले, गुप्ता ने पोस्ट-प्रोडक्शन और साउंड डिज़ाइन में काम किया। उन्होंने टेलीविज़न सीरीज़ करमचंद और फ़िल्म जलवा जैसे प्रोजेक्ट्स में डायरेक्टर पंकज पराशर को भी असिस्ट किया ।
