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Supreme Court on Delhi Protest: दिल्ली में प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- विरोध के नाम पर कब्जा बर्दाश्त नहीं

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Supreme Court on Delhi Protest : दिल्ली में पिछले दिनों से हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार सबको है लेकिन विरोध के नाम पर किसी भी प्रदर्शन स्थल पर कब्जा बर्दाश्त नहीं है। देश की सर्वोच्च अदालत ने यह टिप्पणी व्यापारियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की है।

Supreme Court on Delhi Protest: व्यापारियों ने SC में दायर की थी याचिका

दरअसल व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से उन्हें काफी व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि प्रदर्शन स्थल के आस-पास के इलाकों में करीब 50 लाख लोग रहते हैं। लेकिन प्रोटेस्ट की वजह से सभी दुकानें बंद हैं और आज कनॉट प्लेस (C.P.) में कोई नहीं है। इसका वजह से व्यापारियों पर काफी असर पड़ रहा है।

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इस पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा “आप हमेशा के लिए किसी जगह पर कब्जा नहीं कर सकते हैं। अगर आप ही लगातार प्रदर्शन करेंगे तो फिर किसान, पत्रकार और दूसरे लोग कहां जाएंगे। प्रदर्शन का अधिकार सबको है लेकिन इसके लिए एक समयसीमा होनी चाहिए।“ सुप्रीम कोर्ट ने इसके अलावा ‘एंटी सीईसी’ विरोध प्रदर्शन के आयोजकों को भी इस याचिका में पक्षकार बनाने के लिए कहा।

दिल्ली में लगातार हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन

आपको बता दें कि SIR के मुद्दे को लेकर पिछले काफी समय से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की एक बड़ी रैली हुई थी। उससे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।

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अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर यह कहते हुए जोरदार निशाना साधा था कि इससे दिल्ली के व्यापारियों का काफी नुकसान हो रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली के व्यापारियों ने तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पत्र लिखकर रैली को दीवाली के बाद करने की विनती की थी। क्योंकि दिवाली से कई सारे दुकानदारों का व्यापार जुड़ा होता है।

वहीं चांदनी चौक के सासंद और कन्फेडेरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा था कि अगर विरोध प्रदर्शनों की वजह से इसी तरह की रुकावट पैदा होती रही तो फिर दिल्ली में दस दिनों के भीतर करीब 4000 करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान हो सकता है।

राहुल गांधी ने BJP पर किया था पलटवार

वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में व्यापारियों को होने वाले नुकसान के लिए BJP को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने अपने अधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा था “हमने सब लोगों से कहा कि जब आप मार्च और महारैली के लिए यहां आएंगे, चीजें खरीदें, खरीदारी करें। मगर, यहां Connaught Place में आते हुए हमें पता लगा कि BJP ने सारी की सारी दुकानें जबरदस्ती बंद करवा दी। तो traders का नुकसान कौन कर रहा है, कैसे हो रहा है, यह आप जान लीजिए!”

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