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Adani US Court Case: ‘कंप्रोमाइज PM ने बेच…’, अडानी को US कोर्ट से राहत के बाद राहुल गांधी ने बोला PM मोदी पर बड़ा हमला
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4 दिन agoon

Adani US Court Case: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) के खिलाफ अमेरिका की अदालत में चल रहे आपराधिक मामले को खत्म किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर भी तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा कि इस मामले में जितना दिखाई दे रहा है, उससे कहीं ज्यादा कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कंप्रोमाइज प्रधानमंत्री को भारत के हितों को बेचने के लिए मजबूर किया गया और इसकी बड़ी कीमत भारत चुका रहा है।
Adani US Court Case: US कोर्ट ने आपराधिक आरोप किए खारिज
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया सोमवार को अमेरिका की एक अदालत के फैसले के बाद आई है। अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर अदालत ने गौतम अडानी, सागर अडानी (Sagar Adani) और उनके सहयोगी विनीत जैन (Vneet Jaain) से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले को खत्म करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज कर दिए।
न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट (Eastern District of New York) की जिला अदालत के जज निकोलस गारॉफिस (Judge Nicholas Garaufis) ने अडानी से जुड़े सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड (Securities and Wire Fraud) के आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया।
अदालत ने अडानी पक्ष और अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी एसईसी (US Securities and Exchange Commission) के बीच हुए समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया।
18 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगा अडानी पक्ष
अमेरिकी अदालत में हुए समझौते के तहत अडानी पक्ष अमेरिकी सरकार को 18 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगा। इस भुगतान के साथ अडानी पक्ष ने किसी अपराध को स्वीकार नहीं किया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ लगाए गए सिविल सिक्योरिटीज फ्रॉड (Civil Securities Fraud) के आरोपों का भी औपचारिक रूप से निपटारा हो जाएगा।
फैसले पर गौतम अडानी ने क्या कहा?
अमेरिकी अदालत से कानूनी राहत मिलने के बाद गौतम अडानी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताया।
गौतम अडानी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर के दौरान उनका भरोसा सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन पर बना रहा। उन्होंने उन लोगों का भी आभार जताया जिन्होंने उन पर, व्यवस्था और भारत की न्याय दिलाने की क्षमता पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि अडानी नाम देश के निर्माण के लिए काम करता रहेगा।
अडानी समूह पर क्या थे आरोप?
यह पूरा मामला साल 2024 में सामने आया था। उस समय अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने अडानी समूह और उसके सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र को सार्वजनिक किया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि अडानी समूह और उसके सहयोगी भारतीय सरकारी संस्थाओं के साथ सौर ऊर्जा (Solar Energy) से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना में शामिल थे।
इसके अलावा अडानी पक्ष पर अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को गुमराह करने की कोशिश में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया था। आरोप था कि कंपनी की भ्रष्टाचार विरोधी गतिविधियों को लेकर गलत जानकारी दी गई।
SEC ने भी दाखिल किया था सिविल केस
अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई के अलावा अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने भी गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ सिविल आरोप दाखिल किए थे।
हालांकि सोमवार के फैसले से पहले मई में अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत को बताया था कि वह गौतम अडानी और उनके सहयोगियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा।
इसके बाद जुलाई में अमेरिकी प्रिंसिपल एसोसिएट डिप्टी अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैककॉट्टर (Trent McCotter) ने भी कहा था कि अडानी समूह के खिलाफ ये आरोप शुरुआत में लगाए ही नहीं जाने चाहिए थे।
अब अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद इस मामले में अडानी पक्ष को बड़ी कानूनी राहत मिली है। इसी फैसले को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए भारत के हितों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
