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Asafool Mallik TTP link: आतंकी कनेक्शन में बंगाल का युवक गिरफ्तार, अफगानिस्तान जाने को क्यों बना रहा था प्लान?
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3 घंटे agoon

Asafool Mallik TTP link: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पुलिस ने आतंकी कनेक्शन के शक में पश्चिम बंगाल के 25 वर्षीय युवक असफूल मल्लिक को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि मल्लिक ने सोशल मीडिया के जरिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े एक कथित व्यक्ति से संपर्क साधा था। इतना ही नहीं, वह कथित तौर पर अफगानिस्तान जाकर आतंकी संगठन से जुड़ने की तैयारी में था।
मल्लिक पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नाओपारा गांव का रहने वाला है। वह दिसंबर 2025 से बेंगलुरु के जिगनी औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस को उसकी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी गश्त के दौरान मिली, जिसके बाद पूछताछ शुरू की गई।
Asafool Mallik TTP link: फेसबुक पर बना कथित संपर्क, अफगानिस्तान जाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, मल्लिक ने फेसबुक के जरिए इमरान हैदर नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था। हैदर अफगानिस्तान में मौजूद बताया जा रहा है और उसके TTP से जुड़े होने का संदेह है।
जांच में सामने आया कि मल्लिक ने कथित तौर पर हैदर से अफगानिस्तान पहुंचने में मदद मांगी थी। उसने वहां जाने के लिए वीजा भी अप्लाई किया था। हालांकि, बाद में आर्थिक परेशानियों और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए उसने अपना प्लान छोड़ दिया।
पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा, बदले की बात का दावा
पूछताछ के दौरान मल्लिक ने कथित तौर पर पाकिस्तान में मुसलमानों के खिलाफ सेना की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। पुलिस के अनुसार, वह पाकिस्तान में मस्जिदों और नागरिकों पर कथित हमलों तथा इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर भी आक्रोशित था।
पुलिस का दावा है कि ऑनलाइन संपर्क के दौरान उसे भारत में मुसलमानों को किसी तरह की परेशानी होने पर जवाबी कार्रवाई के लिए उकसाया जा रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल ऑनलाइन बातचीत थी या इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की भूमिका भी थी।
मोबाइल फोन ने खोले कई राज?
पुलिस ने मल्लिक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी डिजिटल जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, फोन में इमरान हैदर के साथ कथित चैट के अलावा कई वॉयस कॉल और ऑडियो बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं।
इन बातचीत की सामग्री की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मल्लिक ने कथित तौर पर किन लोगों से संपर्क किया, उसे किस तरह के निर्देश दिए गए और क्या भारत में किसी हिंसक कार्रवाई की कोई ठोस योजना बनाई गई थी।
अब आतंकी नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस की जांच सिर्फ मल्लिक तक सीमित नहीं है। एजेंसियां उसके कथित ऑनलाइन संपर्कों, विदेश जाने की कोशिश और मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मल्लिक महज ऑनलाइन कट्टरपंथी संपर्कों के जाल में फंसा था या वह वास्तव में किसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका था? पुलिस की डिजिटल फोरेंसिक जांच और पूछताछ से इस मामले की अगली तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
