राष्ट्रीय समाचार
Gujarat High Court: आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से झटका, बीमार पत्नी से मिलने की 20 दिन की बेल खारिज; Video Call की छूट
Published
4 घंटे agoon

Gujarat High Court: गुजरात हाईकोर्ट ने 86 वर्षीय आसाराम की पत्नी से मिलने के लिए मांगी गई 20 दिन की अंतरिम जमानत खारिज कर दी। कोर्ट ने वीडियो कॉल की अनुमति लेने की छूट दी। गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। आसाराम ने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए मानवीय आधार पर 20 दिन की अस्थायी जमानत मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने उसे पत्नी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करने की अनुमति लेने की छूट दी है।
जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एलएस पीरजादा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को आसाराम की पत्नी की स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। (Gujarat High Court) बुधवार को SIT/महिला अपराध प्रकोष्ठ के सहायक पुलिस आयुक्त ने अस्पताल की रिपोर्ट और इलाज कर रहे दोनों डॉक्टरों के बयान कोर्ट के सामने पेश किए।
आसाराम की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी उम्र 86 वर्ष है, जबकि उनकी पत्नी 83 वर्ष की हैं। (Gujarat High Court) वकील ने दलील दी कि पत्नी की तबीयत को लेकर आसाराम चिंतित हैं और इसी आधार पर उन्हें 20 दिन के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति दी जानी चाहिए।
वहीं, सरकारी वकील ने अंतरिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने डॉक्टरों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि आसाराम की पत्नी ने इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। (Gujarat High Court) डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें अगले दो से तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि महिला का इलाज एक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में हो रहा है और उनके रिश्तेदार तथा निजी डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। ऐसे में आसाराम को जेल से बाहर लाने की तत्काल आवश्यकता नहीं है।
Also Read –Bigg Boss 20 Eviction: मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी और मैरी कॉम का पत्ता हो सकता है साफ
कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय पर गौर करने के बाद कहा कि आसाराम की पत्नी ने उपचार पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है और दोनों डॉक्टरों ने दो से तीन दिनों में उन्हें डिस्चार्ज किए जाने की संभावना जताई है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राजस्थान की जेल में बंद आसाराम की अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर करने का कोई आधार नहीं है।
हालांकि, कोर्ट ने उसे राहत का एक सीमित रास्ता दिया। आसाराम जेल अधीक्षक से अनुमति लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी पत्नी से बातचीत कर सकता है।
यह आवेदन उस अपील के दौरान दायर किया गया था, जिसमें आसाराम ने 2013 के दुष्कर्म मामले में सेशन कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है। (Gujarat High Court) गुजरात हाईकोर्ट इससे पहले इसी महीने आसाराम की एक अन्य अंतरिम जमानत अर्जी भी खारिज कर चुका है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने आसाराम को अपनी पसंद के प्रशिक्षित केयरगिवर की चौबीसों घंटे सेवाएं लेने की अनुमति दी थी। (Gujarat High Court) सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा निलंबित करने की अर्जी पर फैसला लंबित रखते हुए यह स्वतंत्रता भी दी थी कि यदि उसकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है तो वह दोबारा अदालत का रुख कर सकता है।
वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने अगस्त में आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी थी। यह राहत उसकी उम्र और 13 साल से अधिक समय जेल में बिताने के आधार पर दी गई थी। आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।

