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Imtiaz Jaleel: ‘हाथ तोड़कर हाथ में दे देंगे’! नीतीश के हिजाब कांड ने पकड़ा तूल, AIMIM नेता हुए आग बबूला, CM को दी धमकी
Published
4 सप्ताह agoon

Imtiaz Jaleel: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का नकाब हटाने का विवाद अब बिहार की सीमाओं को लांघकर महाराष्ट्र के चुनावी अखाड़े तक पहुंच गया है। इस घटना ने एक ऐसा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। (Imtiaz Jaleel) महाराष्ट्र के संभाजीनगर में नगर परिषद चुनाव प्रचार के दौरान एआईएमआईएम (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने इस मुद्दे पर अपना आपा खो दिया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए जलील ने न केवल नीतीश कुमार की आलोचना की, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक मंत्री को सरेआम ऐसी धमकी दे डाली कि सुनने वाले दंग रह गए। सोशल मीडिया पर उनके इस आक्रामक भाषण का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
Imtiaz Jaleel: संजय निषाद की टिप्पणी और जलील का पलटवार
विवाद की असली आग तब भड़की जब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने नीतीश कुमार के कृत्य का बचाव करते हुए एक बेहद आपत्तिजनक बयान दे दिया। (Imtiaz Jaleel) रिपोर्ट के अनुसार, निषाद ने कहा था कि ‘सिर्फ हिजाब को ही हाथ लगाया था, अगर इधर-उधर हाथ लगा देते तो क्या करते’। इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया। यवतमाल की जनसभा में इम्तियाज जलील ने इसी टिप्पणी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने मंच से गरजते हुए कहा कि तुम भले ही उत्तर प्रदेश के मंत्री होगे, लेकिन अगर हमारी बच्ची को हाथ लगा दोगे तो क्या हम खामोश बैठेंगे? जलील ने आगे कहा कि अगर तुम हमारे सामने होते, तो हम तुम्हारा एक हाथ तोड़कर दूसरे हाथ में दे देते। उनके इस बयान पर जनसभा में जमकर नारेबाजी हुई।
महिलाओं के सम्मान और सत्ता के अहंकार पर सवाल
इम्तियाज जलील यहीं नहीं रुके, उन्होंने नीतीश कुमार के कृत्य को महिलाओं के आत्मसम्मान पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा इस घटना का बचाव करना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। (Imtiaz Jaleel) जलील ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि सत्ता के नशे में चूर होकर वह मुस्लिम बच्चियों के सम्मान से खिलवाड़ कर सकता है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में भाषा की एक मर्यादा होनी चाहिए, खासकर जब मामला किसी महिला की शारीरिक गरिमा और उसकी धार्मिक पहचान से जुड़ा हो।
बयानबाजी से गरमाया महाराष्ट्र का चुनावी माहौल
चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। जलील ने कहा कि अगर आज इस तरह के शर्मनाक बयानों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई, तो कल अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सम्मान के लिए खड़ा होने वाला कोई नहीं बचेगा। (Imtiaz Jaleel) उन्होंने एक शेर के जरिए सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आज सत्ता की मस्ती है, लेकिन हालात बदलते देर नहीं लगती। उनके इस तीखे तेवर ने जहां एक तरफ उनके समर्थकों में जोश भर दिया है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे भड़काऊ भाषण बता रहे हैं। (Imtiaz Jaleel) बिहार की एक घटना ने अब उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नेताओं को आमने-सामने खड़ा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने के आसार हैं।
