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Madhya Pradesh: दतिया की जंग में ‘सिंधिया’ की धमाकेदार एंट्री, BJP ने खेला सबसे बड़ा दांव, एक झटके में बदला पूरा समीकरण
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3 घंटे agoon

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का पत्ता साफ करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब एक और बड़ा और चौंकाने वाला दांव खेल दिया है। (Madhya Pradesh) बीजेपी संगठन ने बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दतिया उपचुनाव का मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिया है। पार्टी के इस बड़े फैसले के बाद से ही पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। दूसरी तरफ, संगठन के बुलावे पर नरोत्तम मिश्रा अभी भी भोपाल में ही डेरा डाले हुए हैं। छुट्टियांव मौसमी आयोजन
Madhya Pradesh: सिंधिया के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी ने दतिया के इस बेहद कठिन मुकाबले को जीतने और अपनी चुनावी रणनीति को धार देने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बहुत बड़ा दांव लगाया है। (Madhya Pradesh) संगठन ने उनके राजनीतिक रसूख पर भरोसा जताते हुए दतिया में पूरे चुनाव प्रचार अभियान की मुख्य कमान उनके हाथों में सौंप दी है। गौरतलब है कि बीजेपी ने दतिया सीट पर पहले ही आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाकर सबको हैरान कर दिया था। अब वहां के बिखरे हुए मैनेजमेंट को दोबारा मजबूत करने और रूठे हुए कार्यकर्ताओं को साधने के लिए सिंधिया को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
ग्वालियर-चंबल में मजबूत पकड़
राजनीतिक रूप से ज्योतिरादित्य सिंधिया की ग्वालियर-चंबल संभाग में बहुत ही तगड़ी और जमीनी पकड़ मानी जाती है। वे न केवल अंचल के एक कद्दावर और अनुभवी चेहरा हैं, बल्कि वे जमीनी स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय करना भी बखूबी जानते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सिंधिया के मैदान में उतरने से बीजेपी का बूथ मैनेजमेंट और जमीनी चुनाव प्रचार बेहद आक्रामक और मजबूत हो जाएगा, जिससे संगठन के कामों में भी काफी तेजी आएगी।
भाजपा का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
सियासत के जानकारों की मानें तो सिंधिया की यह नई नियुक्ति दतिया उपचुनाव में बीजेपी का एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हो सकती है। (Madhya Pradesh) नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया सीट पर मुकाबला इस बार बेहद कड़ा और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। ऐसे नाजुक वक्त में पार्टी ने अपने सबसे प्रभावशाली और बड़े नेता को चुनावी दंगल में उतारकर यह साफ संदेश दे दिया है कि वह इस सीट पर जीत के अलावा किसी भी तरह का कोई जोखिम उठाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
विरोधियों के लिए बड़ी चुनौती
अब मध्य प्रदेश की पूरी जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें ज्योतिरादित्य सिंधिया की नई चुनावी चक्रव्यूह और रणनीति पर टिकी हुई हैं। (Madhya Pradesh) चुनावी समर में उनकी यह एंट्री विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस के दावों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सिंधिया का यह शाही अंदाज और चुनावी मैनेजमेंट दतिया के इस रण में भारतीय जनता पार्टी को कितनी बड़ी सफलता दिला पाता है, क्योंकि अब प्रचार की पूरी बागडोर उनके हाथों में है।
