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Rejinagar bypoll 2026: ममता गुट के TMC प्रत्याशी का बड़ा यू-टर्न, कुछ घंटे पहले नाम वापस लिया, अब बोले- लड़ूंगा चुनाव
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4 घंटे agoon

Rejinagar bypoll 2026: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने कुछ ही घंटों में अपना फैसला बदल दिया। शनिवार सुबह नामांकन वापस लेने का ऐलान करने वाले रबीउल आलम चौधरी ने अब साफ कर दिया है कि वह उपचुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने अपना फैसला बदलने का निर्णय लिया है।
रबीउल आलम चौधरी ने सुबह चुनाव मैदान से हटने की वजह पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित दबाव, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और नए चुनाव चिह्न को कम समय में मतदाताओं तक पहुंचाने में आने वाली मुश्किलों को बताया था। उनके मुताबिक, पार्टी के पास अचानक नया नाम और चुनाव चिह्न आ गया है और इतने कम समय में कार्यकर्ताओं को संगठित करना तथा मतदाताओं को नए प्रतीक से परिचित कराना चुनौतीपूर्ण है।
हालांकि, इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। रबीउल आलम चौधरी ने बेलडांगा पुलिस स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा की मांग की। बाद में उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें और पार्टी कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला कायम रखने की घोषणा की।
रबीउल आलम ने कहा कि वह अब ममता बनर्जी के निर्देश के मुताबिक चुनाव मैदान में रहेंगे। इस तरह कुछ घंटों के भीतर नामांकन वापस लेने के फैसले से चुनाव लड़ने के ऐलान तक पहुंचा यह घटनाक्रम रेजीनगर उपचुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक उठापटक में एक नया मोड़ बन गया है।
Rejinagar bypoll 2026: नए चुनाव चिह्न को लेकर विवाद
रेजीनगर उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
इसी नए चुनाव चिह्न को लेकर रबीउल आलम ने पहले चिंता जताई थी। उनका कहना था कि चुनाव में बहुत कम समय बचा है और मतदाताओं के बीच नए प्रतीक की पहचान बनाने में मुश्किल हो सकती है। बाद में उन्होंने इसी चुनौती के बावजूद चुनाव लड़ने का फैसला किया।
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एक दिन पहले नंदीग्राम में भी हुआ था बड़ा घटनाक्रम
रेजीनगर से पहले शुक्रवार को ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था। उनके नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। हालांकि, इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी लंबित वारंट के आधार पर हुई।
इस पूरे घटनाक्रम ने नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों उपचुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। रेजीनगर में रबीउल आलम के यू-टर्न के बाद अब ममता गुट का उम्मीदवार चुनाव मैदान में बना हुआ है, जबकि नंदीग्राम में ममता गुट कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दे रहा है।
6 अक्टूबर को वोटिंग, 9 अक्टूबर को नतीजे
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने सितंबर की शुरुआत में की थी।
रेजीनगर सीट 2026 के विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर द्वारा रेजीनगर सीट छोड़ने के बाद खाली हुई है। वहीं नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दूसरी सीट से विधायक चुने जाने के बाद खाली हुई। बीजेपी ने रेजीनगर से शाखारव सरकार को उम्मीदवार बनाया है।
