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Unnao Rape Case: मुझे जेल भेज दो…, उन्नाव रेप पीड़िता ने कुलदीप सेंगर की जमानत को बताया ’काल’, दागे कई सवाल
Published
3 सप्ताह agoon

Unnao Rape Case: उन्नाव गैंगरेप मामले में पीड़िता ने बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा सस्पेंड किए जाने के अदालती फैसले पर गहरी नाराजगी और चिंता जताई है। पीड़िता ने इस फैसले को अपने और अपने परिवार के लिए “काल” बताते हुए कहा कि इससे उनकी सुरक्षा को लेकर डर और बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि आरोपी को जेल से बाहर रखा जा रहा है तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ही जेल में भेज दिया जाए, क्योंकि बाहर रहते हुए आरोपी से उन्हें लगातार खतरा महसूस हो रहा है।
Unnao Rape Case: देश की बेटियों में भय का माहौल: पीड़िता की मां
पीड़िता की मां ने भी अदालत के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आदेशों से समाज में गलत संदेश जा रहा है। (Unnao Rape Case) उन्होंने कहा कि अगर रेप जैसे जघन्य अपराधों में दोषियों की सजा पर रोक लगाई जाएगी और उन्हें जमानत दी जाएगी, तो देश की बेटियों में भय का माहौल बनेगा। उनका कहना है कि अब लड़कियों को यह डर सताने लगा है कि उनके साथ अपराध होंगे और अपराधी बच निकलेंगे।
बुधवार शाम पीड़िता और उसकी मां ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। पीड़िता ने कहा कि यह देश में अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें रेप केस में दोषी को मिली सजा पर रोक लगाई गई और उसे जमानत दी गई है। (Unnao Rape Case) उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी को उनसे पांच किलोमीटर दूर रहने का आदेश देकर उन्हें ही अपने घरों में कैद कर दिया गया है।
इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए जमानत के आदेशों का अध्ययन करने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। (Unnao Rape Case) पीड़िता की मां ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत रद्द नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि क्या पीड़िता की यही “गलती” है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है।
