राष्ट्रीय समाचार
Uttarakhand News: उत्तराखंड की बोलियों को मिलेगी डिजिटल पहचान, मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किया भाषा AI पोर्टल
Published
28 मिनट agoon

Uttarakhand News: देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध भाषाई विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए ‘भाषा AI’ पहल के तहत वॉइस कलेक्शन पोर्टल की शुरुआत की। इस पोर्टल के माध्यम से इन लोकभाषाओं के शब्दों, उच्चारणों और आवाजों को डिजिटल रूप में संकलित किया जाएगा, ताकि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन भाषाओं को समझने और उनमें संवाद करने में सक्षम हो सके।
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी आवाज से शुरू हुआ अभियान
इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रिकॉर्ड की गई कुमाऊँनी आवाज के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग स्थानीय भाषाओं को संरक्षित करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।
AI को समझने होंगे स्थानीय शब्द और उच्चारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तभी अधिक उपयोगी साबित होगी, जब वह क्षेत्रीय भाषाओं के शब्दों, उनके सही उच्चारण और स्थानीय लहजे को समझ सकेगी। भाषा AI के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और तकनीक के साथ सहज संवाद करने में मदद मिल सकती है।
Also Read –Sonia Gandhi Book Controversy: इंस्टाग्राम पर आईं सोनिया गांधी, पहली किताब को लेकर बढ़ी सियासी हलचल
लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर
पद्मश्री से सम्मानित लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने कहा कि किसी भी भाषा में वहां के लोकजीवन, लोकगीतों, जागर और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक समाहित होती है। उन्होंने बताया कि जागर अकादमी इस पहल में सहयोग करेगी, जिससे स्थानीय भाषाओं के मूल उच्चारण और उनकी मौलिकता को बनाए रखने में मदद मिल सकेगी।
आवाजों और शब्दों के संग्रह से तैयार होगा भाषाई आधार
AI Strategic Engineering (AiSE) Foundation के संस्थापक सचिदानंद सेमवाल ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत लोकभाषाओं के शब्दों और आवाजों को एकत्र किया जा रहा है। इस सामग्री के आधार पर ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जिसके माध्यम से AI गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं में संवाद कर सके।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर शक्ति प्रसाद भट्ट, गजेंद्र नौटियाल, अनिरुद्ध रैथवान, निधि सेमवाल, अनिल गोड़ियाल, डॉ. जे.के. पांडेय और देव रतूड़ी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
You may like

Uttarakhand News: पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक सेवा कार्यकाल पर सीएम धामी ने हरकी पैड़ी पर की गंगा आरती

Uttarakhand News: उत्तराखंड में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, कुंभ 2027 समेत कई योजनाओं को करोड़ों की सौगात

Uttarakhand News: धामी सरकार का बड़ा फैसला! उत्तराखंड की विकास परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर

Uttarakhand News: भारत और नेपाल की बड़ी तैयारी! उत्तराखंड में मिलिट्री एक्सरसाइज ‘सूर्यकिरण’ करेंगे शुरू




