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Lucknow Muharram Incident: मुहर्रम जुलूस के दौरान कैसे गिरा घर का छज्जा कि बुझ गए 2 चिराग? 8 घायल

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Lucknow Muharram Incident: राजधानी लखनऊ के इटौंजा (Itaunja) थाना क्षेत्र स्थित मोहना (Mohana) के पखरिया मोहल्ला (Pakhariya Mohalla) में मुहर्रम (Muharram) के जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए। शरबत (Sharbat) बांटने के दौरान अचानक घर का छज्जा (Balcony) भरभराकर गिर गया, जिससे 12-12 साल के दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार बच्चों समेत आठ लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और जुलूस में शामिल लोग राहत कार्य में जुट गए।

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Lucknow Muharram Incident: आखिर कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

पुलिस के मुताबिक 26 जून की रात इलाके में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था। पखरिया मोहल्ले में रहने वाले मुश्ताक (Mushtaq) अपने परिवार के साथ घर के बाहरी हिस्से में बने करीब छह फीट ऊंचे छज्जे पर खड़े होकर जुलूस में शामिल लोगों को शरबत बांट रहे थे।

देखते ही देखते शरबत लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान शरबत लेने की होड़ में कई लोग छज्जे से लटक गए। (Lucknow Muharram Incident) ज्यादा भार पड़ने के कारण रात करीब 10 बजकर 15 मिनट पर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

वहीं छज्जा गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे करीब 10 लोग दब गए। जुलूस में शामिल लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मलबा हटाना शुरू कर दिया।

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दो मासूमों की चली गई जान

हादसे में नीचे खड़े अली (12) पुत्र कासिम और अरमान (12) पुत्र इमरान मलबे की चपेट में आ गए। (Lucknow Muharram Incident) दोनों मोहना के ही रहने वाले थे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे में अजमल (7) पुत्र जक्की, जियान (3), सना (30) पत्नी शरीफ, मोहम्मद हसीब (42) पुत्र सफीक और जियाउल (30) पुत्र हामिद गंभीर रूप से घायल हो गए। (Lucknow Muharram Incident) वहीं रूसीदा पुत्री लियाकत की हालत भी गंभीर बनी हुई है। दाऊद (12) और अब्दुल वजूद (10) पुत्र शादाब को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

वहीं गनीमत यह रही कि हादसे के समय छज्जे के ऊपर मौजूद परिवार के लोगों को केवल मामूली चोटें आईं, वरना यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।

लोगों ने खुद शुरू किया राहत कार्य

छज्जा गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जुलूस में शामिल लोगों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू कर दिया और दबे हुए लोगों को बाहर निकालने लगे। (Lucknow Muharram Incident) पुलिस मौके पर पहुंची तो एम्बुलेंस (Ambulance) के जरिए घायलों को अस्पताल भेजा गया। हालात को नियंत्रण में करने के बाद जुलूस को आगे बढ़ाया गया।

गंभीर रूप से घायल लोगों को शुरुआती उपचार के बाद केजीएमयू ट्रामा सेंटर (KGMU Trauma Centre) और 100 शैय्या अस्पताल (100 Bedded Hospital) रेफर किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया दर्द

अबरार (Abrar) ने बताया कि शरबत बांटा जा रहा था और भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक छज्जा गिर गया और कई लोग उसकी चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि उनके बहनोई मोहम्मद हसीब भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है।

वहीं सुमैया (Sumaiya) ने बताया कि वह बच्चों को लेकर शरबत लेने गई थीं। उसी दौरान छज्जा गिर गया। इस हादसे में उनका बेटा जियान और पति हसीब गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने क्या कहा?

डीसीपी नॉर्थ (DCP North) गोपाल चौधरी (Gopal Chaudhary) ने बताया कि छज्जा गिरने की घटना में दो बच्चों की मौत हुई है और आठ लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है।

मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुआ यह हादसा पूरे इलाके के लिए गहरे सदमे की वजह बन गया है। कुछ पल पहले तक जहां लोग शरबत बांटकर मातमी जुलूस में शामिल लोगों की सेवा कर रहे थे, वहीं कुछ ही क्षणों बाद दो परिवारों के मासूम चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

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