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Swara Bhasker: स्वरा भास्कर की ‘जुबान काटने’ पर 1.51 लाख के इनाम का ऐलान, आगरा में भारी विरोध
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2 दिन agoon

swara bhasker: फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर की फिल्म पद्मावत में जौहर के चित्रण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आगरा में मंगलवार को योगी यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने स्वरा भास्कर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान अभिनेत्री के पोस्टर जलाए गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पैरों तले भी रौंदा।
प्रदर्शन की अगुवाई योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने की। उन्होंने स्वरा भास्कर के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें अभिनेत्री ने रानी पद्मावती और अन्य राजपूत महिलाओं के जौहर को लेकर सवाल उठाए थे।
Swara Bhasker: ‘जुबान काटने वाले को 1.51 लाख रुपये का इनाम’
प्रदर्शन के दौरान अजय तोमर ने स्वरा भास्कर के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर अभिनेत्री की जुबान काटने वाले व्यक्ति को 1.51 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की।
इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा या शारीरिक नुकसान की धमकी कानूनन गंभीर मामला हो सकता है।
कैसे शुरू हुआ स्वरा भास्कर और जौहर का विवाद?
मामला 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘Woman, Life, Freedom’ कार्यक्रम से जुड़ा है। यहां स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर अपनी राय रखी थी।
स्वरा ने सवाल उठाया था कि जौहर को ‘सम्मान’ या ‘गौरव’ के रूप में पेश करने का आज की महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या किसी महिला की ‘पवित्रता’ को उसके जीवन से अधिक महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह चिंता भी जताई कि इस तरह की प्रस्तुतियां यौन हिंसा से बची महिलाओं के लिए परेशान करने वाला संदेश दे सकती हैं।
विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा था।
स्वरा के मुताबिक, उनका सवाल इस बात को लेकर था कि आज के समय में फिल्मों में इतिहास की किन घटनाओं और प्रथाओं को गौरव तथा वीरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यौन हिंसा से बची किसी महिला को कभी यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि जिंदा बच जाने की वजह से वह कम बहादुर है।
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प्रियंका चतुर्वेदी से भी हुई सोशल मीडिया बहस
इस विवाद के बीच स्वरा भास्कर और शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के बीच सोशल मीडिया पर भी बहस देखने को मिली। चर्चा में महिलाओं की पसंद, अधिकार और जौहर को महिमामंडित किए जाने जैसे मुद्दे सामने आए।
करणी सेना ने भी जताई नाराजगी
इससे पहले करणी सेना महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने भी स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने अभिनेत्री से अपनी भाषा में सुधार करने को कहा।
राठौड़ ने सनातन परंपराओं और राजपूत महिलाओं के त्याग तथा शौर्य को लेकर की गई टिप्पणियों का विरोध किया। उनका कहना था कि जौहर की प्रथा को उस समय के ऐतिहासिक संदर्भ और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समझना चाहिए।
वहीं, बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी स्वरा भास्कर के बयान पर निशाना साधा।
थम नहीं रहा विवाद
स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप लेता जा रहा है। एक ओर राजपूत संगठनों और कुछ राजनीतिक नेताओं की ओर से अभिनेत्री के बयान का विरोध किया जा रहा है, वहीं स्वरा अपने सवालों को महिलाओं के जीवन, अधिकार और सम्मान के नजरिए से जोड़कर देख रही हैं।
आगरा में प्रदर्शन के दौरान सामने आया 1.51 लाख रुपये के इनाम का कथित ऐलान विवाद को और तूल दे रहा है।
