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Raghav Chadha Punjab Voter List: BJP में जाते ही SIR में कटा राघव चड्ढा का नाम! EC की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल

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Raghav Chadha Punjab Voter List: पंजाब की सियासत में उस समय अचानक एक नया मोड़ आ गया, जब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत जारी की गई ताजा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम गायब मिला। चुनाव आयोग की आधिकारिक मतदाता सूची में उनके नाम के आगे ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ अंकित कर दिया गया है। इसके साथ ही उनका नाम राज्य की ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट’ (ASDD) श्रेणी वाली सूची में दर्ज हो गया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।

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Raghav Chadha Punjab Voter List: राजनीतिक सफर में बड़ा बदलाव

आपको बता दें कि राघव चड्ढा साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशी के रूप में पंजाब से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। लंबे समय तक अपनी पुरानी पार्टी का प्रमुख चेहरा रहने के बाद, अप्रैल 2026 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। राजनीतिक पाला बदलने के कुछ ही महीनों बाद अब राज्य की मतदाता सूची से उनका नाम कटने का मामला सामने आया है, जो प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से काफी सुर्खियों में है।

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लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए

निर्वाचन आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष चेकिंग अभियान के तहत पंजाब भर में अब तक कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर किए जा चुके हैं। यह संख्या राज्य के संशोधन से पूर्व दर्ज कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत बैठती है। राघव चड्ढा भी चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए इसी बड़े छांटाई अभियान की जद में आए हैं और उनका नाम भी हटाई गई नामावलियों का हिस्सा बन गया है।

12 सितंबर तक दोबारा आवेदन का रास्ता साफ

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद किसी भी वैध नागरिक का नाम छूटने न पाए, इसके लिए दावों और आपत्तियों की पारदर्शी प्रक्रिया जारी है। जिन नागरिकों या जनप्रतिनिधियों के नाम मतदाता सूची से पृथक हुए हैं, उनके पास 12 सितंबर 2026 तक आवश्यक सुधार कराने की समय सीमा उपलब्ध है। इस तय अवधि के भीतर प्रभावित व्यक्ति फॉर्म 6 भरकर आयोग के समक्ष विधिवत आवेदन जमा कर सकते हैं, ताकि सत्यापन के उपरांत उनका नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

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