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Atal Pension Yojana: 8 करोड़ लोगों के लिए आई ‘Good News’, बजट से पहले सरकार का बड़ा तोहफा
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3 घंटे agoon

Atal Pension Yojana: केंद्र सरकार ने करोड़ों गरीब, कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के कामकाजी लोगों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। (Atal Pension Yojana) सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के सुचारु संचालन के लिए पहले जैसी जागरूकता, विकास कार्य और फंडिंग सपोर्ट जारी रहेगा। इस फैसले से उन लोगों को फायदा होगा, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय का कोई साधन नहीं है।
Atal Pension Yojana: हर महीने ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन
अटल पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीकृत पेंशन मिलती है, जो कि उनकी योगदान अवधि और योगदान राशि पर निर्भर करती है। (Atal Pension Yojana) यह योजना खासकर दिहाड़ी मजदूरों, घरेलू कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों, किसानों और छोटे दुकानदारों के लिए बनाई गई है, जो किसी सरकारी या निजी पेंशन स्कीम से नहीं जुड़े हैं। सरकार का मानना है कि यह योजना बुजुर्गावस्था में न केवल आर्थिक सुरक्षा, बल्कि सामाजिक सम्मान भी सुनिश्चित करती है।
कैबिनेट का अहम फैसला
कैबिनेट के फैसले में यह भी शामिल है कि सरकार आउटरीच प्रोग्राम, क्षमता निर्माण और विकास गतिविधियों पर खर्च जारी रखेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें। (Atal Pension Yojana) इसके अतिरिक्त, योजना को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए रखने के लिए गैप फंडिंग भी जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि जब तक असंगठित क्षेत्र के बड़े हिस्से को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक इस प्रकार की योजनाओं का मजबूत बने रहना बहुत जरूरी है।
9 मई 2015 को शुरू हुई थी योजना
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी, जिसका उद्देश्य देश में “पेंशनयुक्त समाज” का निर्माण करना था। इस योजना के तहत छोटे-छोटे मासिक योगदान के जरिए लोगों को भविष्य में बचत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। (Atal Pension Yojana) 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। सरकार का कहना है कि लगातार मिल रहे समर्थन से न केवल इस योजना की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि यह आने वाले वर्षों में देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बनेगी।
