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Ethanol Mixed Petrol: मनीष कश्यप पर FIR? इथेनॉल से गाड़ी खराब होने के दावे पर नितिन गडकरी का पलटवार
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5 घंटे agoon

Ethanol Mixed Petrol: एथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज घटने और इंजन खराब होने के दावों पर विवाद बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट को लेकर बिहार के पत्रकार मनीष कश्यप का वीडियो काफी वायरल हुआ था जिसे लेकर केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पलटवार किया है। (Ethanol Mixed Petrol) एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने मनीष कश्यप की ओर इशारा करते हुए बिना नाम लिए बताया कि बिहार के पत्रकार हैं जिन्होंने अपनी टोयोटा कार एथेनॉल के कारण खराब होने का दावा किया था। समयऔर कैलेंडर
नितिन गडकरी ने कहा उनसे जब कार मांगी गई कि टेस्टिंग की जाए तो उन्होंने अपनी कार सरकार या कंपनी को देने से मना कर दिया। टोयोटा कंपनी ने जब मनीष कश्यप से कहा कि आपका झूठा दावा पब्लिक कर दिया जाएगा, तब उन्होंने अपनी कार दी। कंपनी ने जांच में पाया कि उनकी कार के फ्यूल टैंक में पेट्रोल के साथ पानी मिल हुआ है। (Ethanol Mixed Petrol) इस पर इंटरव्यू कर रही रिपोर्टर ने पूछा कि सर कोई अपनी गाड़ी में पानी क्यों मिलाएगा? केन्द्रीय मंत्री बोले कि यही मैं भी सोच रहा हूँ। उन्होंने कहा यह मुझे सिर्फ बदनाम करने की साजिश है। नितिन गडकरी ने पत्रकार से पूछा क्या आप पेट्रोल वाली कर चलाती हैं? तो पत्रकार ने कहा नहीं। इस नितिन गडकरी रुके नहीं, बोले आप ही बताइए आप की गाड़ी में कोई खराबी आई हो? पत्रकार ने इस बार भी न मे सिर हिलाया और केन्द्रीय मंत्री की हां में हां मिलाया।
इसके बाद मंत्री ने कहा कि टोयोटा कंपनी ने जब बिहार के पत्रकार की गाड़ी पेट्रोल में मिलावट पाई तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई। (Ethanol Mixed Petrol) उन्होंने आगे बातचीत कर रही पत्रकार से पूछ आप कोई दो नाम मुझे बात दो जिसकी गाड़ी में एथेनॉल के कारण कोई शिकायत आई हो। बोले अभी तक मुझे कोई नहीं मिला जो साबित करे कि एथेनॉल से गाड़ी में कोई गड़बड़ी आ रही है।
Ethanol Mixed Petrol: एथेनॉल की मिलावट क्या कोई पायलट प्रोजेक्ट है?
पत्रकार से सवाल पर नितिन गडकरी ने कहा कि लोग सोचते हैं मेरे मन में आया और मैंने अगली सुबह से एथेनॉल पेट्रोल में मिलन शुरू कर दिया, ऐसा नहीं है। रिसर्च संस्थान इस पर 4 साल से रिसर्च कर रहे हैं। देशभर में जितनी प्रकार की गाड़ियां चलती हैं उन सभी गाड़ियों में इसका प्रयोग किया जा चुका है। सरकार
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सामने आया मनीष कश्यप का जवाब
नितिन गडकरी के FIR वाले बयान पर द न्यूज पिन्च से बात करते हुए मनीष कश्यप ने बताया कि अभी मार्च 2026 में ही उन्होंने टोयोटा की इनोवा कर खरीदी है। पहले 1000 चलने पर उसकी सर्विस कराई। इसके बाद 10 हजार चलने पर उसकी सर्विस कराई। 10 हजार में ही गाड़ी का फ्यूल सिस्टम खोलना पड़ा और इसके लिए कंपनी से 7000 रुपये से ज्यादा का लेबर चार्ज लिया। (Ethanol Mixed Petrol) उन्होंने दावा किया की कंपनी के एक सिनीयर टेक्नीशियन ने उन्हें बताया कि इसी तरह के केस में और गाड़ियां भी सर्विस सेंटेर आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि टोयोटा कंपनी सबसे भरोसेमंद कंपनी होती है। इसकी गाड़ी जल्दी खराब नहीं होती यही देखकर उन्होंने यह कर खरीदी। रही बात पेट्रोल में मिलावट की तो इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रायल जिम्मेदार है। सरकार को चाहिए कि 2030 पहले एथेनॉल लागू ही करना है तो लोगों के पास ऑप्शन हो कि उन्हे कौन सा पेट्रोल भरवाना है।
