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Nitin Gadkari: ‘कूड़े’ से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें! Nitin Gadkari ने बताया भविष्य का ऐसा प्लान, कि बदल जाएगी देश की तस्वीर
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33 मिनट agoon

Nitin Gadkari: देश में E20 पेट्रोल को लेकर इन दिनों चल रही तेज चर्चाओं के बीच अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य के ईंधन को लेकर बड़ा विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में दिल्ली की बसें पेट्रोल, डीजल या पारंपरिक ईंधन से नहीं, बल्कि दिल्ली शहर के कूड़े-कचरे से बनाकर तैयार किए गए हाइड्रोजन फ्यूल पर दौड़ सकती हैं।
उनके अनुसार, यदि कचरे को सही तरीके से संसाधित कर उसे ऊर्जा के बड़े स्रोत में बदला जा सकता है, जिससे न सिर्फ प्रदूषण घटेगा होगा बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था में भी बड़ी वृद्धि होगी।
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Nitin Gadkari: अब कूड़े से बनकर तैयार होगा हाइड्रोजन
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि नगर निगम के कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। इसके बाद आधुनिक बायोडाइजेस्टर तकनीक की साहयता से उससे हाइड्रोजन गैस तैयार की जाएगी। यही हाइड्रोजन भविष्य में दिल्ली की सार्वजनिक बसों के लिए ईंधन का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि आज जिसे लोग केवल कचरा समझते हैं, वही सागामी कुछ सालों में ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। अगर अपशिष्ट प्रबंधन को सही दिशा में आगे बढ़ाया जाए तो यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा।
हाइड्रोजन को बताया भविष्य का फ्यूल
गडकरी ने कहा कि पूरा विश्व अब स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है। उनका मानना है कि आगामी वक़्त में हाइड्रोजन परिवहन क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी तकनीकें और विकसित होंगी, जिनके माध्यम से पानी से भी हाइड्रोजन तैयार कर वाहनों को चलाना संभव हो सकेगा।
उनके मुताबिक, भारत को भी इसी दिशा में तेजी से कार्य करना होगा ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
‘मेरी भविष्यवाणियां कभी गलत साबित नहीं हुईं’
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोग हमेशा उनसे पूछते हैं कि क्या यह सब वाकई संभव है। इस पर उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बीते कई दशकों में उन्होंने आज तक जो भी भविष्यवाणियां की हैं, वे वक़्त के साथ सच साबित हुई हैं। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि कूड़े से हाइड्रोजन बनाकर बसें चलाने की योजना भी आने वाले वक़्त में वास्तविकता बन जाएगी।
लैंडफिल खत्म करने पर सरकार का फोकस
नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली के लैंडफिल साइटों से तकरीबन 80 लाख टन कचरे का प्रयोग पहले ही एक्सप्रेसवे निर्माण जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य साल 2027 तक पूरे देश के बड़े कूड़े के पहाड़ों को ख़त्म करना है। इसके लिए कचरे को संसाधन के रूप में प्रयोग करने की नीति पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
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कचरा बनेगा कमाई का जरिया
गडकरी ने कहा कि कचरा सिर्फ एक दिक्कत नहीं, बल्कि आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र की नगर निगम उपचारित (ट्रीटेड) गंदे पानी की बिक्री से हर साल करीब 325 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर नगर निकाय वैज्ञानिक तरीके से कचरे और अपशिष्ट का प्रबंधन करें, तो इससे स्थानीय निकायों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए मौके पैदा होंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
गडकरी के मुताबिक, भारत का भविष्य वेस्ट-टू-वेल्थ (Waste to Wealth) मॉडल पर आधारित होगा, जहां कचरा बोझ नहीं बल्कि ऊर्जा और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण संसाधन बनकर तैयार होगा।
