Connect with us

News

Lucknow-Kanpur Expressway: 13 July से शुरू होगा UP का सबसे हाईटेक एक्सप्रेसवे! Ai रखेगा 24 घंटे नजर, राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन

Published

on

Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ से कानपुर को जोड़ने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) की सुरक्षा को उद्घाटन से पहले और मजबूत कर दिया गया है। हाल ही में एक्सप्रेसवे की फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद अधिकारियों ने पूरे कॉरिडोर की निगरानी के लिए एआई (AI) आधारित एडवांस सर्विलांस नेटवर्क लगाने का फैसला किया है। यह सिस्टम सिर्फ ट्रैफिक पर नजर नहीं रखेगा, बल्कि एक्सप्रेसवे की फेंसिंग, बाउंड्री वॉल और आसपास के लैंडस्केप क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी करेगा। भौगोलिकसंदर्भ

63 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले इस एक्सेस कंट्रोल्ड (Access Controlled) एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया जाएगा। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की मौजूदगी में करेंगे।

Also Read –Barabanki News: नोकिया स्मार्टफोन परियोजना के अंतर्गत बंकी में क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित

Lucknow-Kanpur Expressway: फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

यह फैसला उस समय लिया गया है जब कुछ ग्रामीणों पर एक्सप्रेसवे के किनारे लगी बिजली की वायरिंग काटने, लैंडस्केप को नुकसान पहुंचाने और बाउंड्री फेंसिंग को क्षतिग्रस्त करने के आरोप लगे हैं। Lucknow-Kanpur Expresswayअधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को खतरा है, बल्कि तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के बीच आवारा जानवरों के आने का भी जोखिम बढ़ जाता है।

पूरे एक्सप्रेसवे पर Ai कैमरों की रहेगी नजर

अधिकारियों के मुताबिक, 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जो संवेदनशील बाउंड्री क्षेत्रों पर लगातार नजर रखेगा ताकि अतिक्रमण, चोरी और फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। एआई आधारित सर्विलांस नेटवर्क (AI Surveillance Network) संदिग्ध गतिविधियों का रियल टाइम (Real Time) में पता लगाएगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई शुरू करने में मदद करेगा।

Also Read –Ethanol Mixed Petrol: मनीष कश्यप पर FIR? इथेनॉल से गाड़ी खराब होने के दावे पर नितिन गडकरी का पलटवार

100 से ज्यादा कैमरे और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम

एक्सप्रेसवे पर 63 पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे (PTZ Cameras) लगाए गए हैं, जो सड़क के साथ-साथ बाउंड्री क्षेत्रों की भी निगरानी करेंगे। इसके अलावा सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर 21 इंटरचेंज कैमरे लगाए जाएंगे।

इस कॉरिडोर पर एआई आधारित वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) कैमरे भी लगाए गए हैं। ये कैमरे दुर्घटना, सड़क पर रुके वाहन, धुआं, आग, टायर फटना, गलत दिशा में वाहन चलाना और अन्य आपात स्थितियों का बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वतः पता लगा सकेंगे।

हर 27 से 35 KM पर कंट्रोल रूम

एक्सप्रेसवे पर 27 से 35 किलोमीटर की दूरी पर दो इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम (Integrated Control Room) बनाए गए हैं। ये कंट्रोल रूम सर्विलांस नेटवर्क से लगातार फीड प्राप्त करेंगे, जियो-टैग्ड अलर्ट (Geo-tagged Alerts) तैयार करेंगे और जरूरत पड़ने पर आपातकालीन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

हर दो KM पर मिलेंगे इमरजेंसी कॉल बॉक्स

यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर लगभग हर दो किलोमीटर की दूरी पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स (Emergency Call Box) लगाए गए हैं। इनके जरिए किसी भी आपात स्थिति में फंसे वाहन चालक सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेंगे।

120 KM प्रति घंटे होगी अधिकतम रफ्तार

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इस छह लेन वाले एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर लखनऊ से कानपुर के बीच यात्रा का समय लगभग 35 से 45 मिनट रहने का अनुमान है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *