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Madhya Pradesh News: गणेश उत्सव के बीच भोपाल में ओवैसी की रैली, मुस्लिम संगठन ने किया विरोध
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1 घंटा agoon

Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रस्तावित जनसभा से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। खास बात यह है कि रैली का विरोध किसी राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि स्थानीय मुस्लिम संगठन ‘मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी’ ने किया है। संगठन ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को पत्र देकर जनसभा की अनुमति रद्द करने की मांग की है।
Madhya Pradesh News: गणेश उत्सव के बीच रैली का विरोध
मुस्लिम त्योहार कमेटी का कहना है इस समय शहर में गणेश उत्सव के कार्यक्रम आयोजित हैं। ओवैसी की जनसभा के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर को चुना है, जिसके आस-पास कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हैं। संगठन का दावा है ओवैसी के बयानों से धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब पर असर पड़ने की आशंका है।
विधायक टी. राजा सिंह के कार्यक्रम का दिया हवाला
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ओवैसी की जनसभा को मिली अनुमति पर सवाल उठाया। उन्होंने बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह का तर्क देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में ओवैसी की सभा को अनुमति दिए जाने पर भी उसी तरह के मानदंड लागू किए जाने चाहिए।
कमेटी का यह भी कहना है कि ओवैसी की आक्रामक राजनीतिक भाषण शैली से शहर में धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। संगठन के मुताबिक, इसका असर अंततः स्थानीय मुस्लिम समुदाय पर पड़ सकता है। इसी आधार पर उसने प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति वापस लेने की मांग की है।
15 सितंबर को क्या है ओवैसी का कार्यक्रम?
AIMIM के तय कार्यक्रम के मुताबिक, असदुद्दीन ओवैसी 15 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 7:30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे।
यह सभा AIMIM के समान नागरिक संहिता (UCC) के खिलाफ चलाए जा रहे 15 दिवसीय अभियान का समापन कार्यक्रम बताया जा रहा है। सभा में ओवैसी UCC के अलावा संवैधानिक अधिकारों, बुलडोजर कार्रवाई और स्थानीय मुद्दों को भी उठा सकते हैं।
फिलहाल भोपाल प्रशासन की ओर से जनसभा की अनुमति रद्द करने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। हालांकि, संगठन की आपत्ति के बाद प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ने की बात कही जा रही है।
