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Trump Hellholes Comment: ‘भारत-चीन नर्क हैं’…, ट्रंप के बयान से दुनिया भर में बवाल, प्रवासियों को बताया अमेरिका की बर्बादी
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11 घंटे agoon

Trump Hellholes Comment: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टूथ सोशल’ पर एक पोस्ट में भारत, चीन और अन्य देशों को “नर्क” (Hellholes) जैसे शब्दों से संबोधित किया है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है।
Trump Hellholes Comment: जन्मसिद्ध नागरिकता पर छिड़ी बहस
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। (Trump Hellholes Comment) उन्होंने दावा किया कि कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर की नौकरियों पर भारत और चीन के लोगों का दबदबा है, जिससे स्थानीय नागरिकों के अवसर कम हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर सवाल
अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और बाद में वह अपने परिवार को भी देश में ला सकता है, जिससे प्रवासन बढ़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नीति को अदालतों या वकीलों के बजाय राष्ट्रीय मतदान के जरिए तय किया जाना चाहिए। (Trump Hellholes Comment) साथ ही उन्होंने न्यायिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा व्याख्या सही नहीं है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि एक सोशल मीडिया पोल के अनुसार अधिकतर अमेरिकी नागरिक इस नीति पर रोक लगाने के पक्ष में हैं।
संस्थाओं और प्रवासियों पर आरोप
उन्होंने अमेरिकी सिविल लिबर्टीज यूनियन (American Civil Liberties Union) को “आपराधिक संगठन” बताते हुए उस पर RICO कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। (Trump Hellholes Comment) ट्रंप का कहना है कि प्रवासी अमेरिका की स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे टैक्स देने वाले नागरिकों पर बोझ बढ़ रहा है।
सांस्कृतिक पहचान पर चिंता
ट्रंप ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर हो रहे प्रवासन से अमेरिका की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान प्रभावित हो रही है। (Trump Hellholes Comment) उन्होंने “चेन माइग्रेशन” को देश के लिए गंभीर खतरा बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े मामलों पर सुनवाई चल रही है।
