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UPI Payment VS Palm Payment: आप करते रहिए UPI-UPI, यहां चीन हाथ की नसों से कर रहा पेमेंट! न QR कोड, न PIN और न कार्ड का झंझट
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4 घंटे agoon

UPI Payment VS Palm Payment: डिजिटल पेमेंट के मामले में भारत का UPI आज एक खास पहचान बना चुका है। UPI का पूरा नाम यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस है। हालांकि, इन दिनों UPI एक नए चार्ज को लेकर चर्चा में है। 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4 फीसदी MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा और यह चार्ज अधिकतम 300 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन तक होगा।
लेकिन इस खबर में हम UPI के इस चार्ज की बात नहीं कर रहे हैं। यहां बात एक ऐसी पेमेंट तकनीक की है, जिसमें न मोबाइल की जरूरत पड़ती है, न QR कोड स्कैन करने की और न ही PIN डालने की। इसमें सिर्फ अपनी हथेली दिखाकर पेमेंट किया जा सकता है।
UPI Payment VS Palm Payment: चीन में हथेली दिखाकर पेमेंट करने की सुविधा
चीन में Palm Payment Technology नाम की एक बायोमेट्रिक पेमेंट टेक्नोलॉजी मौजूद है। इसमें यूजर को पेमेंट करने के लिए कैमरे या स्कैनर वाली मशीन के सामने अपनी हथेली दिखानी होती है। इसके बाद सिस्टम हथेली की पहचान करता है और कुछ ही सेकेंड में पेमेंट पूरा हो जाता है।
इस टेक्नोलॉजी में स्मार्टफोन, QR कोड या PIN डालने की जरूरत नहीं होती। यानी अगर किसी व्यक्ति ने इस सिस्टम में अपनी हथेली को पहले से रजिस्टर कराया हुआ है, तो वह सिर्फ स्कैनर के सामने हथेली दिखाकर पेमेंट कर सकता है। यानी कि कह सकते है, चीन की इस टेक्नोलॉजी में हाथ के नसों से पेमेंट होता है
कैसे काम करती है Palm Payment Technology?
सबसे पहले यूजर को अपनी हथेली की पहचान सिस्टम में रजिस्टर करनी होती है। यह प्रोसेस किसी सेंटर प्वॉइंट या ऐप के जरिए की जा सकती है। इसके बाद जब यूजर किसी ऐसे स्टोर या मर्चेंट के पास जाता है, जहां Palm Payment की सुविधा है, तो उसे स्कैनर के सामने अपनी हथेली रखनी होती है।
स्कैनर हथेली की खास पहचान और नसों के पैटर्न को पढ़ता है। इसके बाद सिस्टम इस जानकारी का पहले से मौजूद डेटा से मिलान करता है। अगर पहचान सही पाई जाती है, तो पेमेंट प्रोसेस हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कार्ड या PIN की जरूरत नहीं पड़ती।
न QR कोड, न PIN और न कार्ड का झंझट
Palm Payment Technology का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुविधा है। यूजर को हर बार कार्ड या कैश अपने साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ती। पेमेंट प्रोसेस भी तेज हो सकती है, जिससे दुकानों पर इंतजार का समय कम हो सकता है।
फिलहाल भारत में UPI ने डिजिटल पेमेंट को बेहद आसान बनाया है, जबकि चीन की Palm Payment Technology पेमेंट को एक कदम आगे ले जाकर बायोमेट्रिक पहचान के जरिए हथेली से भुगतान का विकल्प देती है। आने वाले समय में टचलेस और बायोमेट्रिक पेमेंट तकनीक डिजिटल लेनदेन की दुनिया में कितनी बड़ी भूमिका निभाती है, यह देखने वाली बात होगी।
