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Karnataka Chief Minister: कर्नाटक में ‘कुर्सी युद्ध’ खत्म! मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा ऐलान- मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे सिद्धारमैया

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Karnataka Chief Minister: कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई हफ्तों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब अपने क्लाइमेक्स पर पहुंच गया है। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक फैली मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बड़ा और निर्णायक बयान देकर सबको चौंका दिया है। काफी समय से कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तैर रहा था कि क्या सिद्धारमैया अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या फिर डी.के. शिवकुमार के सिर पर ताज सजेगा। इस बीच, मल्लिकार्जुन खरगे ने साफ कर दिया है कि कर्नाटक में फिलहाल मुख्यमंत्री नहीं बदलेंगे और जो सत्ता की कमान संभाल रहे हैं, वही आगे भी पद पर बने रहेंगे। खरगे के इस फैसले ने न केवल विरोधियों के मुंह बंद कर दिए हैं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर भी फिलहाल के लिए पानी फेर दिया है।

Karnataka Chief Minister: डी.के. शिवकुमार का ‘सरेंडर’ और हाई कमान पर अटूट भरोसा

मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर मचे घमासान के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का रुख सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। शिवकुमार ने रविवार को बेहद सधे हुए अंदाज में कहा था कि वे और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस हाई कमान द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का सिर झुकाकर पालन करेंगे। दिल्ली के अहम दौरे से लौटने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी पार्टी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी उचित समय पर उचित निर्णय लेगी। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक एक बड़े ‘पॉलिटिकल मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि उन्होंने खुद को एक अनुशासित सिपाही बताते हुए गेंद पूरी तरह से दिल्ली के पाले में डाल दी थी।

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4 मई का सस्पेंस और मंत्रिमंडल में फेरबदल की आहट

पार्टी और राजनीतिक हलकों में नेतृत्व परिवर्तन की ये अटकलें ऐसे समय में तेज हुई थीं जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणाम आने वाले हैं। 4 मई की तारीख को लेकर कर्नाटक में भी भारी हलचल देखी जा रही थी, क्योंकि इसी दिन दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी घोषित होने हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि इन नतीजों के बाद मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हो सकता है या शायद नेतृत्व की अदला-बदली कर दी जाए। जब शिवकुमार से दिल्ली में हुई गुप्त चर्चाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे मीडिया के सामने राजनीतिक मुद्दों पर बात नहीं करेंगे और समय आने पर सब कुछ खुद-ब-खुद साफ हो जाएगा।

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गुटबाजी और मतभेदों की खबरों पर लगा कड़ा पहरा

पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को शिवकुमार ने सिरे से खारिज कर दिया है। वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली के बयानों से जो आंतरिक कलह की बू आ रही थी, उस पर मरहम लगाते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है और सब कुछ हाई कमान के निर्णय के अनुसार ही चल रहा है। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस एक एकजुट परिवार की तरह है और सही समय आने पर शीर्ष नेतृत्व जो भी फैसला लेगा, वह सबके हित में होगा। खरगे के ताजा बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि फिलहाल कर्नाटक की सरकार में कोई बड़ा भूकंप नहीं आने वाला है और सिद्धारमैया ही राज्य की कमान संभालते रहेंगे।

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